विकासपुरी में रहने वाले मरीज को उपचार के लिए रोहिणी स्थित डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल लाया गया। अस्पताल के ईएनटी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि मरीज ने गलती से खाते समय मछली का कांटा (हड्डी) निगल ली।
यह कांटा मरीज के जीभ के पीछे के हिस्से में फंस गया। इस कारण मरीज को काफी तकलीफ उठानी पड़ी। गले में जलन, दर्द और निगलने में दिक्कत कारण मरीज पूरी रात सो नहीं पाया। मरीज उपचार के लिए सुबह अस्पताल आया।
एंडोस्कोपिक जांच में पता चला कि मछली का कांटा जीभ के निचले हिस्से और वैलेकुला में फंसा हुआ था। एंडोस्कोपी का इस्तेमाल करके बिना किसी परेशानी के मछली के कांटे को सफलतापूर्वक निकाला गया। उन्होंने बताया कि कांटा निकलने के बाद मरीज ने राहत की सांस ली। मछली खाते समय लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।