पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर केजरीवाल सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। फिक्की पर 20 लाख जुर्माना लगाने के बाद सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
रविवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने विकास सदन के नजदीक एनसीआरटीसी और जीपीआरए कॉलोनी स्थित नौरोजी नगर निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने एनसीआरटीसी के निर्माण स्थल पर पर्यावरण दिशा निर्देशों का भारी उल्लंघन पाया।
उन्होंने निर्माण साइट से उड़ने वाले धूल को रोकने के लिए सरकार के निर्देशों की सख्ती से पालन करने को कहा। पर्यावरण मंत्री ने निरीक्षण के दौरान नौरोजी नगर के जीपीआरए कॉलोनी में चल रहे निर्माण कार्य पर नियमों का उल्लंघन नहीं पाया।
गोपाल राय ने इस मौके पर मीडिया से बातचीत में कहा कि राजधानी के अंदर धूल उड़ने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने एंटी डस्ट अभियान चला रही है। इसके तहत दिल्ली के अंदर चल रहे सभी छोटे-बड़े निर्माण साइट्स के लिए विस्तृत दिशा निर्देश तय किया गया है। इस निर्देश को सभी को पालन करना आवश्यक है। उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नेताजी नगर साइट पर राय ने निर्माण कंपनी को एक और एंटी स्मॉग गन लगाने को कहा। दूसरे एंटी स्मॉग गन नहीं लगाए जाने और पूर्व में लगाए गए 5 लाख रुपये के जुर्माना को जमा किए बिना काम नहीं शुरू करने का निर्देश दिया गया। दिल्ली में जहां पर भी 20 हजार वर्ग मीटर और उससे अधिक के निर्माण स्थल पर एंटी स्मॉग गन लगाना आवश्यक है।
गोपाल राय ने बताया कि 13 अक्तूबर को गालिबपुर गांव में बॉयो डीकंपोजर से तैयार घोल का छिड़काव किया जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसकी शुरूआत करेंगे। अभी तक पूरे दिल्ली से करीब 1500 एकड़ जमीन पर घोल के छिड़काव के लिए आवेदन मिले हैं।