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एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 5 गिरफ्तार

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एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 5 गिरफ्तार
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नई दिल्ली। पुलिस ने एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए सरगना समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सरगना, फर्जी कागजात पर खोले गए बैंक खाते को कमीशन पर लेकर उनमें ठगी की रकम जमा करता था। खोड़ा गाजियाबाद में एक कॉल सेंटर भी खोल रखा था। आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, सात फर्जी नियुक्ति पत्र, 18 मोबाइल फोन, दस सिमकार्ड और 5 नकली स्टाम्प बरामद हुए हैं।
पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि 11 जुलाई को मानिकपुर, एटा, यूपी निवासी दीपक ने आईजीआई एयरपोर्ट थाने में ठगी की शिकायत की। दीपक ने बताया कि फेसबुक पर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का विज्ञापन देखकर उसने आरोपियों से संपर्क किया था। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर उससे 4 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत पर केस दर्ज कर एयरपोर्ट के डीआईयू के निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी कागजात से सिम लिए हैं। बैंक खाते भी फर्जी नाम-पते पर खुलवाए गए हैैं। काफी प्रयास के बाद टीम ने 15 अगस्त को मंडावली निवासी शहजाद को पकड़ा, जिसने अपने बैंक खाते को 5 हजार रुपये में इस्तेमाल के लिए संजय शर्मा नाम के आरोपी को दिया था। गिरफ्तारी के बाद मंडावली निवासी संजय शर्मा ने बताया कि उसने बैंक खाते की जानकारी मंडावली निवासी पवन गुप्ता को दी थी, जो गिरोह के सरगना साजिद के लिए काम करता है। पवन से पूछताछ कर पुलिस ने साजिद के डिजाइनर सुमित उपाध्याय को गिरफ्तार किया। सुमित फेसबुक पर नौकरी का विज्ञापन देता था। सोमवार को पुलिस ने गिरोह के सगरना विनोद नगर निवासी साजिद को इंदिरापुरम गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया।
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रजिस्ट्रेशन के लिए लेते थे एक हजार रुपये
फेसबुक पर विज्ञापन देखने के बाद बेरोजगार युवा फोन कर आरोपियों से संपर्क करते थे। गाजियाबाद में किराए के मकान में खोले गए कॉल सेंटर में एक टेली कॉलर भी काम कर रही थी। वह बेरोजगारों को नौकरी का आश्वासन देकर रजिस्ट्रेशन के तौर पर एक हजार रुपये की मांग करती थी और उन्हें बैंक खाते का नंबर मुहैया कराती थी।
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विश्वविद्यालय में वेब डिजाइनर है सुमित
जांच में पता चला कि आरोपी पवन गुप्ता और संजय शर्मा 10 से 15 फीसदी कमीशन पर काम करते थे। पवन और संजय, साजिद को बैंक खाता, फर्जी स्टाम्प और सिम मुहैया कराते थे। सुमित उपाध्याय मयूर विहार स्थित शोभित विश्वविद्यालय में वेब डिजाइनर के तौर पर काम करता है। वही साजिद के लिए भी विज्ञापन डिजाइन करता था। आरोपी, ठगी में शहजाद के बैंक खाते का इस्तेमाल करते थे।
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