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4.60 करोड़ की धोखाधड़ी: आरोपी ने रजिस्टर्ड जीपीए के तहत मिले अधिकारों की सीमा से बाहर किए लेन-देन, गिरफ्तार

Tue, 15 Sep 2026 06:16 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

उत्तराखंड के देहरादून में 4.60 करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी को हरिद्वार के लक्सर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुंवर जावेद राव के रूप में हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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उत्तराखंड के देहरादून में 4.60 करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी को हरिद्वार के लक्सर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुंवर जावेद राव के रूप में हुई है।  पुलिस के मुताबिक आरोपी ने जमीन के मालिक के अधिकृत जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) धारक के तौर पर खुद को पेश कर कई खरीदारों से जमीन के सौदे किए और बड़ी रकम हासिल की। शाखा के पुलिस उपायुक्त इरशाद हैदर ने बताया कि पंजाबी बाग निवासी प्रमीत सिंह की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने 11 जून 2026 को प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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मामला देहरादून के मौजा डोमगांव स्थित जमीन से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को जमीन मालिक हरजिंदर पाल सिंह बंगा का अधिकृत जीपीए धारक बताता। इसी आधार पर उसने शिकायतकर्ता और अन्य संभावित खरीदारों को जमीन बेचने के लिए एग्रीमेंट टू सेल और सेल डीड कराने के लिए तैयार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने रजिस्टर्ड जीपीए के तहत उसे मिले अधिकारों की सीमा से बाहर जाकर जमीन के कई लेन-देन किए।

जांच में यह भी सामने आया कि एक ही जमीन को लेकर कई लेन-देन किए। शिकायतकर्ता से बैंकिंग माध्यम से करीब 4.60 करोड़ रुपये लिए गए। पुलिस का कहना है कि इन लेन-देन से शिकायतकर्ता के साथ जमीन मालिक और अन्य संभावित खरीदारों को भी आर्थिक नुकसान हुआ। 
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने ऐसे लोगों को निशाना बनाया जो उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में छुट्टियां बिताने या वहां जमीन खरीदना चाहते थे। जांच टीम ने रजिस्टर्ड जीपीए, सेल डीड और एग्रीमेंट टू सेल समेत जमीन से जुड़े दस्तावेज जुटाकर उनकी जांच की। देहरादून के संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से भी दस्तावेजों और जमीन के लेन-देन का सत्यापन कराया गया। पुलिस ने आरोपी को जांच में शामिल होने के लिए कई बार नोटिस दिए लेकिन वह सामने नहीं आया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने लगातार मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलना शुरू कर दिया। 

वह हरिद्वार, देहरादून, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर समेत आसपास के इलाकों में लगातार स्थान बदल रहा था। तकनीकी जांच कर पुलिस ने 9 सितंबर को उत्तराखंड में हरिद्वार के पास लक्सर से गिरफ्तार कर लिया।  पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी 2017 के आसपास हरिद्वार और देहरादून में प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था। उसने हरिद्वार के एक सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। जांच में उस पर पहले से आपराधिक मामले सामने आए हैं।

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