सुश्रुत ट्रॉमा अस्पताल के बाद दिल्ली का दूसरा ट्रॉमा सेंटर मंगोलपुरी में बनेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने रविवार को 362 बिस्तरों की क्षमता वाले इस सेंटर का शिलान्यास किया। सीएम केजरीवाल ने बताया कि यह डेढ़ वर्ष के भीतर तैयार हो जाएगा। मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी अस्पताल में इसका निर्माण होगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह वातानुकूलित होगा। इसकी लागत करीब 71 करोड़ रुपये होगी।
सीएम केजरीवाल ने कहा कि अब तक की सरकारें प्रति बेड एक करोड़ रुपये के हिसाब से अस्पताल बनाती थीं, लेकिन आप सरकार ने इस राशि को कम कर और भी बेहतर निर्माण की पहल की। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इस काम में ही दिल्ली सरकार के 190 करोड़ रुपये बचे हैं। इस बजट का इस्तेमाल दिल्ली के सभी लोगों की दवा, इलाज और टेस्ट मुफ्त करने में होता है तो इसमें गलत क्या है? विपक्ष के लोग इसका विरोध करते हैं। वे कहते हैं कि आप सरकार दिल्लीवालों का मुफ्त इलाज करके पैसा बर्बाद कर रही है।
वे यह भी जानते हैं कि आप सरकार ईमानदार है। इसलिए आज सभी के लिए इतनी सुविधाएं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहती है। मोहल्ला क्लीनिक, पॉली क्लीनिक और नए अस्पताल इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। इस साल के अंत तक दिल्ली में करीब 700 मोहल्ला क्लीनिक बनकर तैयार हो जाएंगे। आने वाले दिनों में सरकार और भी स्वास्थ्य योजनाएं लाएगी।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर के अंदर आईसीयू, आपातकालीन सेवाएं आदि होंगी। इसमें 6 ऑपरेशन थियेटर के अलावा 50 फीसदी से ज्यादा बेड, इमरजेंसी, ट्रॉमा, आईसीयू के लिए बनने जा रहे हैं। तीन आईसीयू में 14-14 बिस्तर होंगे।
बिहार से आकर दिल्ली में कराते हैं इलाज
सीएम केजरीवाल ने कहा कि बिहार से करीब 500 रुपये खर्च करके मरीज दिल्ली आता है और यहां के अस्पताल में करीब 5 लाख रुपये का इलाज लेकर चला जाता है। उनके राज्य में चिकित्सीय सेवाएं दिल्ली जैसी मजबूत नहीं हैं। इससे खुशी भी होती है कि अपने ही देश के लोग हैं, लेकिन दिल्ली की अपनी क्षमता है। दिल्ली पूरे देश के लोगों का इलाज कैसे करेगी? वहां की सरकारें आप की तरह मंशा नहीं रखती हैं।
पूरे देश में दिल्ली की तरह स्वास्थ्य सेवाओं पर काम होना चाहिए। बाहर के राज्यों से मरीज बड़ी तादाद में इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि डेनमार्क में सबके लिए इलाज फ्री है। दिल्ली में भी सरकार ने यही किया है। दिल्ली में वह सुविधा मिल रही है, जो डेनमार्क, अमेरिका, जापान में मिलती है।