शनिवार को शाम साढ़े छह बजे मंडी हाउस के कमानी सभागार में हिंदी नाटक ‘अरण्य अधिपति टंट्या मामा’ से इसका आगाज होगा। यह नाटक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के जननायक टंट्या मामा के जीवन पर आधारित है, जिन्हें आज भी लोग रॉबिन हुड के नाम से पहचानते हैं।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का 22वां भारत रंग महोत्सव पूरी तरह आजादी के रंग में रंगा होगा। देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर पूरा देश जश्न मना रहा है। एनएसडी ने भी अपने सालाना महोत्सव भारंगम को आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है।
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शनिवार को शाम साढ़े छह बजे मंडी हाउस के कमानी सभागार में हिंदी नाटक ‘अरण्य अधिपति टंट्या मामा’ से इसका आगाज होगा। यह नाटक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के जननायक टंट्या मामा के जीवन पर आधारित है, जिन्हें आज भी लोग रॉबिन हुड के नाम से पहचानते हैं।
बंसी कौल और डॉ. फरीद बज्मी ने इस नाटक को लिखा है। बंसी कौल ही रंगमंच पर इस नाटक का निर्देशन करेंगे। भोपाल के रंग विधूशक समूह के कलाकारों द्वारा अभिनय किया जाएगा। दिल्ली में भारंगम का आगाज होगा। कमानी सभागार में 16-20 जुलाई तक शाम साढ़े छह बजे से चार हिंदी और एक मराठी भाषा के नाटकों का मंचन होगा। इसके बाद रंगकर्मियों की टोली भुवनेश्वर में केआईआईटी कैंपस ऑडिटोरियम, वाराणसी में मुरारी लाल मेहता स्मारक प्रेक्षागृह, अमृतसर में एस धरम सिंह इंजीनियरिंग सभागार, बेंगलुरू में अरासु भवन, मुंबई में पीएल देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी के रवीन्द्र नाट्य मंदिर में अभिनय करेगी।
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14 अगस्त को दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम परिसर में असगर वजाहत के हिंदी नाटक ‘बंटवारा’ से इसका समापन होगा। दिनेश ठाकुर भारंगम इसका निर्देशन करेंगे और मुंबई के अंक समूह के कलाकार अभिनय करेंगे।