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मुंडका अग्निकांड : 21 शवों की शिनाख्त, 6 की पहचान नहीं, अपनों के जीवित मिलने की आखिरी उम्मीद खत्म

Thu, 09 Jun 2022 05:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) ने बुधवार को 10 और शवों के डीएनए प्रोफाइल पुलिस को सौंप दिया है। करीब एक माह पहले हुए हादसे में 27 लोगों मौत हो गई थी। इनमें अब तक 21 शवों की शिनाख्त की जा चुकी है। शव के शिनाख्त होते ही परिजनों के लिए अपनों के जीवित मिलने की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई है।
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उम्मीद टूटने का गम... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंडका अग्निकांड में जान गंवाने वाली मधु देवी सहित तीन पीड़ितों के शव का अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया। मधु उन तीन पीड़ितों में शामिल थीं, जिनके शवों की शिनाख्त मंगलवार को हुई थी। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) ने बुधवार को 10 और शवों के डीएनए प्रोफाइल पुलिस को सौंप दिया है। करीब एक माह पहले हुए हादसे में 27 लोगों मौत हो गई थी। इनमें अब तक 21 शवों की शिनाख्त की जा चुकी है। शव के शिनाख्त होते ही परिजनों के लिए अपनों के जीवित मिलने की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई है।

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एफएसएल ने मंगलवार को तीन अज्ञात शवों के डीएनए प्रोफाइल पुलिस को सौंप दिया। डीएनए प्रोफाइल के जरिये शवों की शिनाख्त मुंडका निवासी मधु देवी, प्रेम नगर निवासी नरेंद्र और किराड़ी, सुलेमान नगर निवासी मुस्कान के रूप में हुई। मधु के पति अमित कुमार ने कहा कि इस घटना के बाद के हफ्ते किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। 

नम आंखों से अमित ने कहा कि 20 मई को शादी की सालगिरह थी। वह मृतक की आत्मा की शांति के लिए पूरे रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करना चाहते थे।  मधु के परिवार में पति और दो बेटियां अनन्या और अराध्या हैं। वहीं मुस्कान के भाई इस्माइल खान ने बताया कि हादसे के बाद हर दिन पहाड़ की तरह बीता, क्योंकि उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था।  
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इस्माइल ने बताया कि शव की पहचान होने के बाद अचानक मेरा दिल टूट गया, क्योंकि मुझे उम्मीद थी कि वह वापस आ जाएगी। पिछले 8 माह में दो सदस्यों को खोने वाले परिवार के लिए यह इंतजार असहनीय था।  मुस्कान परिवार का इकलौता कमाने वाली सदस्य थी। इस्माइल ने कहा कि हम रोजाना पुलिस स्टेशन और अस्पताल जा रहे थे, लेकिन खाली हाथ घर लौटना पड़ा। 

इस्माइल ने कहा कि पुलिस जांच धीमी गति से चल रही है। वह इस मामले की सीबीआई जांच सहित जान गंवाने वालों के परिवार के एक-एक सदस्य के लिए नौकरी की मांग कर रहे हैं। अहम है कि 13 मई को बाहरी दिल्ली के मुंडका में एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। सभी 27 शवों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में सुरक्षित रखा गया था। पीड़ितों के परिवार के सदस्यों के रक्त के नमूने डीएनए प्रोफाइलिंग और मिलान के लिए एफएसएल भेजे गए हैं।

रिपोर्ट में 10 और शवों की हुई शिनाख्त
एफएसएल की रिपोर्ट में मुंडका अग्निकांड के 10 और शवों की शिनाख्त कर ली गई है। बुधवार को इसकी रिपोर्ट पुलिस को सौंपी गई। परिजनों के डीएनए का मिलान करने के बाद इन शवों की पहचान की गई है। शवों की शिनाख्त संजय इंक्लेव (उत्तम नगर) निवासी पूजा, मुबारकपुर डबास निवासी मधु, मुबारकपुर डबास निवासी प्रीति, सूरत विहार निवासी पूनम, प्रवेश नगर निवासी मुशरत, प्रवेश नगर निवासी गीता चौहान, मुंडका निवासी सोनम, सरस्वती विहार निवासी अमरनाथ गोयल, मुबारकपुर डबास निवासी आशा (मूल निवासी गांव विसलपुर, पीलीभीत) और मुबारकपुर डबास निवासी भारती नेगी के रूप में हुई है।

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