नई दिल्ली। बेरोजगारी दूर करने के लिए हमें विश्वविद्यालयों को रोजगार की गंगोत्री बनाना होगा। ये बात शनिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) में कही। उन्होंने यहां पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम लेक्चर थियेटर का उद्घाटन किया। सिसोदिया ने कैंपस में 50 मीटर ऊंचा राष्ट्रध्वज भी स्थापित किया।
उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने द्वारका स्थित एनएसयूटी कैंपस में शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी के नाम पर एनएसयूटी एकमात्र प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय है। आपस के भेदभाव भुलाकर बेहतर शिक्षा से भारत के भविष्य को संवारना नेताजी को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। नेताजी के सपने का भारत तब बनेगा, जब बच्चे कुशल बनकर देश के विकास में योगदान दें और यही सच्ची देशभक्ति है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की सोच विकसित करना है। दिल्ली सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कोरोना महामारी से सारे विश्व में बेरोजगारी एक चुनौती के रूप में उभरी है।
400 कंप्यूटर वाला कंप्यूटर सेंटर भी मिला
नवनिर्मित नए लेक्चर कॉम्प्लेक्स में कुल 11 हॉल हैं। इसमें 1500 विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता है। विश्वविद्यालय में 400 कंप्यूटर वाले कंप्यूटर सेंटर की भी शुरुआत की गई है। विश्वविद्यालय में 14 नए स्नातक व 12 नए स्नातकोत्तर कोर्स शुरू किए गए हैं। इससे विश्वविद्यालय में नामांकन बढ़ा है। एनएसयूटी का पूर्वी दिल्ली में गीता कालोनी और जाफरपुर में पश्चिमी कैंपस बनेगा।
सरकारी स्कूलों के छात्र अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में ले रहे भाग
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान के छात्रों के शानदार प्रदर्शन के कारण देश भर में एनएसयूटी का नाम बहुत गर्व से लिया जाता है। यह दिल्ली सरकार के लिए गौरव की बात है। आज दिल्ली के सरकारी विद्यालयों के छात्र अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारत का परचम लहरा रहे हैं। स्कूलों में सुधार के बाद अब उच्च शिक्षा में भी दिल्ली के संस्थान को आगे बढ़ाने पर काम होगा।