मौत और जख्मी होने का आंकड़ा आग, डूबने और बिल्डिंग गिरने के दौरान मलबे में गिरने व अन्य हादसों का है। दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2017-18 से 2021-22 के दौरान कुल 144,884 कॉल मिलीं। वर्ष 2022 में अचानक कॉल्स की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। अकेले अप्रैल माह में 4140 कॉल आई जबकि मई के शुरुआती 13 दिनों में 1295 कॉल आ गई। अधिकारियों का शुक्रवार को ही अकेले 110 कॉल आई।
दमकल विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले पांच सालों के दौरान दिल्ली में अलग-अलग जगह हुए हादसों में 1857 लोगों की जान चली गई जबकि 7562 लोग जख्मी हो गए।
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मौत और जख्मी होने का आंकड़ा आग, डूबने और बिल्डिंग गिरने के दौरान मलबे में गिरने व अन्य हादसों का है। दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2017-18 से 2021-22 के दौरान कुल 144,884 कॉल मिलीं। वर्ष 2022 में अचानक कॉल्स की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। अकेले अप्रैल माह में 4140 कॉल आई जबकि मई के शुरुआती 13 दिनों में 1295 कॉल आ गई। अधिकारियों का शुक्रवार को ही अकेले 110 कॉल आई।
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमूमन पारा चढ़ने के साथ आग की घटनाओं में इजाफा होने लगता है, लेकिन इस साल आग लगने के मामले ज्यादा ही आ रहे हैं। अप्रैल में तो पिछले कई सालों के मुकाबले इस साल सबसे अधिक कॉल्स आई हैं। पिछले साल 13 जगह मीडियम कैटेगरी और दो सीरियस कैटेगरी की आग लगी। 2020-21 में यह आंकड़ा 19 मीडियम और दो सीरियस का रहा था।
हादसों में हताहतों के आंकड़े
साल कॉल घायल मौत
2017-18 29423 1767 318
2018-19 31264 1597 297
2019-20 31157 1638 308
2020-21 25697 1139 343
2021-22 27343 1421 591
कुल 144884 7562 1857
नोट : आंकड़े एक अप्रैल से 31 मार्च तक के हैं।