कोरोना जांच करती स्वास्थ्य कर्मी
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दिल्ली में एक बार फिर कोरोना के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। बीते चार दिन में तीसरी बार बुधवार को सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राजधानी में पिछले एक दिन में 1800 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं। जबकि 11 लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इन मरीजों की मौत राजधानी के अलग अलग अस्पतालों में हुई हैं। इससे पहले दिल्ली में एक दिन में 11 मरीजों की मौत 13 जनवरी को हुई थी। वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि दिल्ली में संक्रमण दर 2.7 फीसदी दर्ज की गई है। जबकि कई अन्य राज्यों में यह दर 10 फीसदी से भी ज्यादा है।
दरअसल कोरोना वायरस के मामले दिल्ली सहित पूरे देश में बढ़ते जा रहे हैं। बीते 28 मार्च को 1881 और 29 मार्च को 1904 संक्रमित मरीज सामने आए थे। इसके बाद होली के चलते मरीजों की संख्या एक हजार से भी कम हुई लेकिन ठीक अगले दिन फिर से आंकड़ा 1800 पार हो गया। यह आंकड़ें इस साल में सबसे ज्यादा हैं। पिछले कुछ दिन में सबसे ज्यादा मौतें 26,27 और 28 मार्च को देखने को मिली हैं। इस दौरान 9, 11 और 9 लोगों की मौत हुई है। जबकि पिछले एक दिन में इससे भी ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले एक दिन में 67070 सैंपल की जांच की गई थी जिनमें 2.71 फीसदी कोरोना संक्रमित मिले हैं। 1819 नए मामले के अलावा 399 मरीजों को डिस्चॉर्ज किया गया। जबकि 11 लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ ही कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 662430 हो चुकी है जिनमें से 642565 ठीक भी हो चुके हैं लेकिन 11027 लोगों की अब तक कोरोना वायरस जान ले चुका है। पिछले कुछ दिन में संक्रमित मरीजों के बढने से सक्रिय मामलों पर काफी असर पड़ा है। अभी 8838 सक्रिय मरीज हैं जिनमें से 5196 अपने अपने घरों में आइसोलेशन पर हैं। जबकि अस्पतालों में 1799 मरीज भर्ती हैं। वहीं 24 कोरोना संक्रमित रोगियों को कोविड निगरानी केंद्र पर रखा गया है। हर दिन नए मामले बढने से कंटेनमेंट जोन की संख्या एक बार फिर बढ़कर 2009 हो चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जांच की संख्या को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। प्रतिदिन 80 हजार से भी ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं। संक्रमित लोगों को होम आइसोलेशन में भी रखा जा रहा है। साथ ही, संक्रमितों के संपर्क में आए 30-30 लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जिससे कोरोना के फैलाव को रोका जा सके। यह स्थिति तब है जब राजधानी में अब तक 1.45 करोड़ से अधिक सैंपल की जांच हो चुकी है। जबकि कुल आबादी 1.90 करोड़ के आसपास है।
इसके अलावा दिल्ली में अब तक पांच से छह सीरो सर्वे कराए जा चुके हैं जिनके अनुसार करीब 50 फीसदी दिल्ली के लोगों में एंटीबॉडी विकसित हो चुके हैं। इन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही हर्ड इम्यूनिटी दिल्ली में विकसित होने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों से जाहिर है कि हर्ड इम्यूनिटी का इतना प्रभावी असर दिखाई नहीं दे रहा है।