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दिल्ली की गर्मी : 11 साल बाद सबसे गर्म रहा मार्च का महीना, सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा तापमान

Wed, 31 Mar 2021 09:09 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • साल 2010 में दिल्लीवासियों ने मार्च महीने में इतनी गर्मी की मार झेली थी
  • गत सोमवार को राजधानी में गर्मी ने 40 से अधिक पारे के साथ पिछले 76 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा
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गर्मी का सितम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच पिछले 11 वर्षों में मार्च का औसत तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इससे पहले वर्ष 2010 में औसत तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

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मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार कुल पांच पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों पर असर देखने को मिला है। इसमें से चार पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुरुआती 15 दिनों में खासा असर रहा है। यही वजह रही कि इसके बाद 15 से 31 मार्च तक अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज हुई और सोमवार को पारे ने 40 डिग्री सेल्सियस के साथ पिछले 76 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

वहीं राजधानी में लगातार दूसरे दिन भी राजस्थान की धूल भरी आंधी का दौर जारी रहा। इस वजह से दिनभर सड़कों पर धूल उड़ती रही व लोगों को परेशानी हुई। मौसम विभाग का कहना है कि अप्रैल के पहले दिन भी 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसके बाद पारे में इजाफा होगा। 
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प्रादेशिक मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से एक अधिक 34.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से दो अधिक 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 53 व न्यूनतम 19 फीसदी दर्ज किया गया। दिल्ली का स्पोर्ट्स कांप्लेक्स इलाका 37 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। 

मौसम विभाग के मुताबिक, इन दिनों राजस्थान के ऊपर चक्रवाती हवाओं का केंद्र बना हुआ है। तेज रफ्तार होने की वजह से हवाएं अपने साथ धूल के कणों को भी लेकर दिल्ली में पहुंच रही हैं। यही वजह है कि दिल्ली में धूल भरी आंधी चल रही है। साथ ही इसका असर खासतौर पर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल रहा है। 

खराब श्रेणी में बनी रही दिल्ली-एनसीआर की हवा
दिल्ली-एनसीआर की हवा बुधवार को भी खराब श्रेणी में बनी रही। एनसीआर में शामिल ग्रेटर नोएडा की हवा बदलाव के बाद बहुत खराब से खराब श्रेणी में पहुंची है। अगले तीन दिनों तक हवा की स्थिति यही रहेगी। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआइ 203 दर्ज किया गया। वहीं, गुरुग्राम की हवा 206 एक्यूआइ के साथ सबसे साफ रही। सफर के अनुसार, दिल्ली में इस समय प्रदूषण के लिए पीएम 10 तत्व अधिक भागीदार बना हुआ है। यही वजह है कि प्रदूषण में कमी नहीं आ रही है। दिल्ली में चल रही हवाएं व वेंटिलेशन इंडेक्स का साथ देने की वजह से प्रदूषण में अधिक वृद्धि भी नहीं हो रही है। हालांकि, आगामी तीन दिनों तक वायु गुणवत्ता का असर खराब से बहुत खराब श्रेणी के बीच बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में हवा में पीएम 10 का स्तर 205 व पीएम 2.5 का स्तर 62 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। 
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दिल्ली-एनसीआर के आंकड़े
दिल्ली-203
फरीदाबाद-219
गाजियाबाद-244
ग्रेटर नोएडा-267
गुरुग्राम-206
नोएडा-226

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