पुस्तकों पर भारी छूट से पाठकों में उत्साह
- मिल रही 20 से 50 प्रतिशत तक की छूट
- चित्रा मुदगल की ‘नारी चेतना की कहानियां’ पुस्तक ने पाठकों का खींचा ध्यान
- बॉलीवुड खलनायक रंजीत कुमार ने किया ‘मैं हूं खलनायक’ का विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेले में तीसरे दिन भी पाठकों ने अपनी पसंदीदा पुस्तकों की खरीदारी की। इस बीच पाठकों को पुस्तकों की खरीद पर काफी छूट भी मिली। इंग्लिश नॉवल के बेहद किफायती दाम भी पाठकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसके साथ ही पुस्तक मेले में कई पुस्तकों को लोकार्पण किया गया। विमोचित हुई पुस्तकों में इस साल साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार चित्रा मुदगल की ‘नारी चेतना की कहानियां’ पुस्तक ने पाठकों का खासा ध्यान आकर्षित किया।
मेले में पाठकों को पुस्तकों की खरीद पर 20 से लेकर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलनी शुरू हो गई। हरियाणा की छात्रा श्वेता चौधरी ने बताया कि उन्हें हिंदी साहित्य की पुस्तकें पढ़ने का शौक है और उन्होंने पुस्तक मेले से कई साहित्यकारों की पुस्तकें खरीदी हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि साहित्य अकादमी के स्टॉल पर उन्हें देशभर के नामी लेखकों की पुस्तकों की जानकारी मिली है।
100 रुपये में तीन नॉवेल
पुस्तक मेले में पाठकों को इंग्लिश नॉवेल पर भारी छूट मिल रही है। यहां पाठकों की भारी भीड़ नॉवेल खरीद रही है। पाठक रितेश मुखर्जी ने बताया कि उन्हें यहां 100 रुपये के तीन नॉवेल खरीदने का मौका मिला। उन्होंने यहां से इंग्लिश लिटरेचर, फिक्शन और हॉरर से जुड़े कई नॉवेल खरीदे हैं। उन्होंने बताया कि मार्केट से अमूमन ये नॉवेल काफी महंगे दामों में मिलते हैं, लेकिन पुस्तक मेले में उन्हें उनके पसंदीदा नॉवेल बेहद किफायती दामों पर मिल गए।
साहित्यकार चित्रा मुदगल से रूबरू हुए पाठक
इस वर्ष साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुनी गयीं लेखिका चित्रा मुदगल की पुस्तक ‘नारी चेतना की कहानियां’ का सोमवार को पुस्तक मेले में लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक को एपीएन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस बीच चित्रा मुदगल भी मौजूद रहीं। उन्होंने पाठकों से बात करते हुए कहा कि उनकी इस पुस्तक में समाज में महिला सशक्तिकरण, शोषित एवं दलित वर्ग की स्थिति को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल पुस्तक नहीं बल्कि आम जनों की कहानियां हैं। इस पुस्तक में समाज में स्त्री, शोषित, दलित एवं विपरीत लिंग के वर्गों की विभिन्न मुद्दों को उजागर किया गया है, ताकि समाज में महिलाओं की स्थिति को और बेहतर बनाया जा सके। चित्रा मुदगल से मिलकर पाठकों को बेहद खुशी हुई। इसी मौके पर लेखिका करुणा शर्मा की पुस्तक चित्रा मुदगल की कहानियां-सृजन के विविध रंग का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में चित्रा मुदगल की लगभग सभी कहानियों का सृजन किया गया है। इस मौके पर प्रख्यात व्यंगकार प्रेम जनमेजय एवं एपीएन पब्लिकेशन के निदेशक निर्भय कुमार मौजूद थे।
पुस्तक मेले में पहुंचे बॉलीवुड खलनायक रंजीत कुमार
बॉलीवुड के खलनायकों पर लिखी गई पुस्तक ‘मैं हूं खलनायक’ के विमोचन के लिए बॉलीवुड अभिनेता रंजीत कुमार पहुंचे। यश पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक के विमोचन के मौके पर पाठकों की भारी भीड़ रंजीत कुमार से मिलने के लिए पहुंच गई। इस मौके पर उन्होंने पाठकों को संबोधित करते हुए कहा कि बॉलीवुड फिल्मों में हीरो की भूमिका जितनी अहम होती है, उतनी ही खलनायक की भूमिका भी अहम होती है। उन्होंने कहा कि जब तक फिल्म में खलनायक न हो तो हीरो का महत्व भी कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के खलनायकों पर आधारित इस पुस्तक में अधिकतर खलनायकों के बारे में एक साथ पढ़ने का मौका पाठकों को मिलेगा। उन्होंने इस इस विषय पर पुस्तक लिखे जाने पर खुशी जताई। इस पुस्तक को वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक फजले गुफरान द्वारा लिखा गया है।
राजकमल प्रकाशन ने किया 27 पुस्तकों का विमोचन
पुस्तक मेले के तीसरे दिन रजा पुस्तक माला के तहत राजकम प्रकाशन द्वारा प्रकाशित 27 पुस्तकों का लोकार्पण किया गया और इन पुस्तकों पर चर्चा भी हुई। इन 27 पुस्तकों में उदयेर पथे, कोमल गंधार, बाशो का यात्रा वृत्त, कथा-विमर्श, चार नाटक, भारत का स्वराज्य और गांधी, उड़िया कविताएं : मोनालिसा जेना, देवनागरी जगत की दृश्य- संस्कृति, अंधेरे के रंग, सितांशु एशचन्द्र का विचार-गद्य, बावन चिडियां, गांधी की मृत्यु, वे भी दिन थे, कृष्णबलदेव वैद्य का संवाद, शम्युरहमान फारुकी का संवाद, लहजा, रूसी संस्कृति - उद्भाव और विनाश, पर्यावरण के पाठ, हमसफरों के दरमियां, चुप्पी की गुहा में शंख की तरह, स्वामीनाथन: एक जीवनी, अनासक आस्तिक, विनोबा के उद्धहरण, गगनवट, अज्ञेय के उद्धरण और महानायकों के महाबाजार पुस्तकें शामिल हैं। इस मौके पर धूमिल के बेटे रमाकांत पांडे द्वारा ‘धूमिल समग्र’ किताब के कवर का लोकार्पण तथा संसद से सड़क तक किताब पर चर्चा भी की गई। वहीं ‘लेखक से मिलिये’ सत्र में कथाकार शिवमूर्ति से केसर कस्तूरी और कुच्ची का कानून पुस्तक पर चर्चा हुई।
हिंदी के नौ सारथी पुस्तक ने खींचा ध्यान
पुस्तक मेले में लेखिका रिंकल शर्मा की पुस्तक ’हिंदी के नौ सारथी’ का सोमवार को लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक को डायमंड बुक्स द्वारा प्रकाशित किया गया है। पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कवि पद्मश्री अशोक चक्रधर द्वारा किया गया। इस मौके पर साहित्य जगत के जाने माने साहित्यकार कुंवर बेचैन, अरुण माहेश्वरी, मृदुला गर्ग, विनय जायसवाल तथा नरेंद्र वर्मा, ममता कालिया, मीरा जौहरी और अरुण जैमिनी भी उपस्थित थे। ‘हिंदी के नौ सारथी’ पुस्तक में लेखिका ने हिंदी भाषा की समस्याओं पर प्रकाश डाला है। इसके साथ ही अन्य दो पुस्तकों ‘मस्ती की पाठशाला’ और ’दिल तो बच्चा है’ का भी विमोचन किया गया।
शारजाह ने मनाया अमिराती संस्कृति उत्सव
पुस्तक मेले में सम्मानित अतिथि देश शारजाह ने संस्कृति उत्सव मनाया। इस बीच शारजाह की संस्कृति को पाठकों के समक्ष पेश किया गया। इस मौके पर अरब की संस्कृति की पेशकश से कलाकारों ने पाठकों का ध्यानाकर्षित किया। इस मौके पर शेख फहीम बिन सुल्तान अल कासिमी और शारजाह बुक अथॉरिटी के चेयरमैन अहमद बिन रक्कड़ अल अमेरी और प्रसिद्ध अमिराती लेखक, हबीब यूसेफ अब्दुल्ला अल सईद समेत अन्य लोग उपस्थित थे।