हाईकोर्ट ने दवा कंपनी वोकहार्ड की सूजन रोकने वाली दवा एस प्रोक्सीवोन पर केंद्र सरकार द्वारा सात सितंबर 2018 को लगाई गई रोक को रद्द कर दिया है। इस दवा का उपयोग हड्डी और मांसपेशियों में दर्द से राहत के लिए किया जाता है।
दवा कंपनी ने केंद्र सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी थी, जिसमें 328 दवाओं के विनिर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी थी। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 15 नवंबर 2018 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने दवा कंपनी की याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार के उक्त आदेश को रद्द कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की इस अधिसूचना के खिलाफ दायर की गई यह पहली याचिका है, जिस पर अदालत ने निर्णय दिया है।
पेश मुद्दे पर ग्लेनमार्क, एल्केम लेबोरेटरीज, ओबसर्ज बायोटेक, कोरल लेबोरेटरीज, लुपिन, मैनकाइंड फार्मा, कोए फार्मास्युटिकल्स, मैक्लोड्स और लेबोरेट समेत कई अन्य बड़ी दवा कंपनियों की भी विभिन्न दवाओं पर पाबंदी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं लंबित हैं।