रूप नगर एटीएम लूट मामले में पांच साल बाद आरोप तय
- अदालत ने एक बदमाश पर लूटपाट, साजिश के तय किए आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने पांच साल पुराने रूप नगर एटीएम लूट मामले में कुख्यात बदमाश रिजवान के खिलाफ लूटपाट, चोरी का माल रखने व आपराधिक साजिश की धाराओं में आरोप तय किए हैं। वहीं, अदालत ने एटीएम गार्ड की हत्या के मामले में पर्याप्त साक्ष्य न होने पर उसे आरोप मुक्त कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में वर्ष 2014 में मुकदमा दर्ज किया था।
तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार ने रिजवान को एटीएम के गार्ड की हत्या के मामले की धारा में आरोप मुक्त करते हुए कहा कि उसके खिलाफ इस धारा में आरोप तय करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। हालांकि लूटपाट, आपराधिक साजिश व अन्य धाराओं में उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं।
अदालत ने मामले में रिजवान के साथ अन्य आरोपी आशुतोष व मुनीर पर निर्धारित आरोप में संशोधन करते हुए उन पर आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई हैं। इन आरोपियों पर अदालत ने पहले आरोप तय किए थे। कोर्ट के समक्ष रिजवान के वकील रितेश बाहरी ने कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है। उससे पैसे की कोई बरामदगी नहीं हुई है। अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए गवाह दिलशाद के बयान को भरोसेमंद माना। उसने अपने बयान में कहा था कि रिजवान ने अपने खाते में नौ लाख रुपये जमा किए थे और बाद में निकाल लिए थे। दिलशाद ने जब इस पर आपत्ति की तो उसे जान से मारने की धमकी दी थी। वह बार-बार बैंक खातों में रकम डालता और निकालता था। उसने लूट की वारदात के बाद एक प्लॉट भी खरीदा था।
अदालत ने इसके अलावा एक अन्य गवाह फरीद अहमद के बयान को भरोसेमंद माना। उसने अपने बयान में कहा था कि रिजवान कई आपराधिक वारदातों के अलावा चोरी का माल खरीदने-बेचने में शामिल रहा है। उसके खिलाफ कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।