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दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम को देशद्रोह मामले में मिली अग्रिम जमानत

Fri, 31 Jul 2020 12:31 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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zafrul islam khan - फोटो : सोशल मीडिया
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजद्रोह मामले में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम खान को अग्रिम जमानत दी। जफरुल पर सोशल मीडिया पर विवादित व देशविरोधी पोस्ट करने को लेकर देशद्रोह का मामला दर्ज है।  

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न्यायाधीश मनोज कुमार ओहरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई करते हुए 72 वर्षीय खान को राहत दी जब पुलिस ने कहा कि आगे की जांच के लिए उनकी जरूरत नहीं है। आयोग में खान का कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है।

अदालत अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर के जरिए दायर खान की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनकी उम्र, स्वास्थ्य जोखिमों और कोरोना संक्रमण के खतरे का हवाला देते हुए राजद्रोह के मामले में अग्रिम जमानत का अनुरोध किया गया था।
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क्या है विवाद
मालूम हो कि यह सारा विवाद जफरुल द्वारा किए गए एक विवादित पोस्ट से खड़ा हुआ। उन्होंने फेसबुक पर लिखा था कि जिस दिन मुसलमानों ने अरब देशों से अपने खिलाफ जुल्म की शिकायत कर दी, सैलाब आ जाएगा। इस पोस्ट के बाद भाजपा ने इसका विरोध करते हुए उनसे इस्तीफा मांगा।

जफरुल इस्लाम ने अपनी लंबी फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि भारतीय मुस्लिमों के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद कुवैत। हिंदुत्व विचारधारा के लोग सोचते हैं कि कारोबारी हितों की वजह से अरब देश भारत के मुस्लिमों की सुरक्षा की चिंता नहीं करेंगे। वे भूल गए कि भारतीय मुस्लिमों के अरब और मुस्लिम देशों से कैसे रिश्ते हैं। जिस दिन मुसलमानों ने अरब देशों से अपने खिलाफ जुल्म की शिकायत कर दी, सैलाब आ जाएगा।

विवाद खड़ा होने पर जफरुल इस्लाम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी देश के खिलाफ जाकर नहीं बोला है। हिंदुत्व का मतलब कुछ लोग भारत से जोड़ रहे हैं। यह गलत है। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। वहीं इस पोस्ट के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो मई को जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया।
 

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