राजधानी के कंटेनमेंट इलाकों को अब 28 की जगह 14 दिन में कंटेनेमेंट मुक्त कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके लिए अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के मुताबिक, अब किसी इलाके में अंतिम मामला मिलने के 14 दिन बाद ही उस क्षेत्र को कंटेनमेंट मुक्त किया जा सकेगा। राजधानी में कई इलाके तीन महीने से अधिक समय तक भी कंटेनमेंट क्षेत्र बने हुए हैं।
इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने कंटेनमेंट जोन के लिए केंद्र से नए नियमों की मांग की थी। अभी तक किसी क्षेत्र में कोरोना का आखिरी मामला आने के 28 दिन बाद तक उस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन में रखा जाता था, लेकिन अब 14 दिन में ही क्षेत्र को डी-सील किया जा सकेगा। दिल्ली में बृहस्पतिवार तक कंटेनमेंट जोन की संख्या 694 हो गई है।
कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने पर दिल्ली में शुरुआती 300 कंटेनमेंट जोन बनने में 85 दिन का समय लगा था, जबकि पिछले 15 दिनों में 285 कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं। माइक्रों कंटेनमेंट जोन की रणनीति के अब पूरे इलाके को सील न करके जिस घर में भी संक्रमण का मामला आता है। उसके आसपास के दो-तीन घरों की भी सील किया जाता है। इससे इन रेड जोन की संख्या लगातार बढ़ रही है।
दिल्ली में कोरोना के नए मामलों में कमी आने के बावजूद कंटेनमेंट जोन बढ़े हैं। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कंटेनमेंट जोन नीति में बदलाव करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि लोगों की परेशानी को कम करने के लिए केंद्र को कंटेनमेंट जोन के नियमों में बदलाव करना चाहिए। पूरे देश में एक ही तरह के नियम नहीं होने चाहिए, बल्कि स्थानीय जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग नियम तय किए जाने चाहिए।