द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन पर बुधवार दोपहर एक कंप्यूटर इंजीनियर ने मेट्रो ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मृतक की शिनाख्त अंजनी कुमार (35) के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शुरूआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि पिछले काफी दिनों से अंजनी डिप्रेशन का शिकार था। इसकी वजह से उसने अपनी नौकरी भी छोड़ थी।
पुलिस आशंका जता रही है कि डिप्रेशन की वजह से ही अंजनी ने यह कदम उठाया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीडीयू अस्पताल भेज दिया है। परिजनों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
मेट्रो पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मूलरूप से गांव कर्दीन, गाजीपुर, यूपी निवासी अंजनी अपने भाई के साथ द्वारका इलाके में किराए के मकान में रहता था। वह दिल्ली में एक निजी कंपनी में कंप्यूटर इंजीनियर था। किसी वजह से वह पिछले कुछ समय से डिप्रेशन का शिकार हो गया था। इसकी वजह से उसने अपनी नौकरी भी छोड़ दी थी।
बुधवार दोपहर करीब 12.00 बजे वह द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन पहुंचा। जैसे ही मेट्रो ट्रेन आई उसने छलांग लगा दी। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस उसे डीडीयू अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेब से मिले कागजातों के आधार पर मृतक की शिनाख्त हुई। पुलिस मेट्रो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से मामले की छानबीन कर रही है।