ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर दादूपुर गांव के पास रविवार सुबह सैर के लिए निकले एक युवक को महिंद्रा पिकअप ने सामने से टक्कर मारकर बुरी तरह कुचल दिया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने पीछा किया तो आरोपी पिकअप को हरियाणा सीमा में छोड़कर भाग गया। हादसे की सूचना दो किसानों ने पुलिस को दी।
आरोप है कि सीमा विवाद में उलझकर दनकौर और ईकोटेक-1 थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया। बाद में सीओ सेकेंड अमित किशोर और दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया गया।
ईकोटेक-1 थाना क्षेत्र के इमलिया गांव निवासी 35 वर्षीय सतेंद्र गांव में रहकर ही ब्याज पर रुपये के लेन-देन का काम करते थे। रोज की तरह वे रविवार सुबह गांव से सटे पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर टहलने गए थे। घर लौटते समय सिरसा की तरफ से आ रही तेज रफ्तार महिंद्रा पिकअप गाड़ी ने सतेंद्र को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
इससे वह एक्सप्रेसवे पर गिर गए और पिकअप ने उन्हें कुचल दिया। चालक पिकअप लेकर भाग निकला। पास में ही काम कर रहे दो किसान घटनास्थल पर पहुंचे और यूपी 100 पर कॉल कर पुलिस को और इसके बाद ग्रामीणों को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर आ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि फोन करने पर करीब दो घंटे तक दनकौर और ईकोटेक-1 थाना पुलिस दूसरे की सीमा में बताकर पहुंचने में टाल-मटोल करती रही।
इससे गुस्साए ग्रामीणों ने शव एक्सप्रेसवे पर रखकर जाम लगा दिया। फरार पिकअप चालक का भी ग्रामीणों ने खुद पीछा किया। आरोपी चालक हरियाणा सीमा में छायसा गांव के पास पिकअप छोड़कर भाग गया। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद पेरीफेरल पर पुलिस और हाईवे कर्मियों से कोई मदद नहीं मिलती है।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंची एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस
पुलिस ने सतेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाने के लिए 1033 पर पेरीफेरल एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस को सूचना दी। करीब आधा घंटे तक एंबुलेंस नहीं आने पर पुलिस ने निजी वाहन से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
रैंप नहीं होने के कारण होता है सीमा विवाद
पेरीफेरल एक्सप्रेसेवे पर किसी भी हादसे की सूचना पर दनकौर और ईकोटेक-1 थाने की पुलिस मामला एक-दूसरे के क्षेत्र में बताकर घटनास्थल पर पहुंचने में अक्सर देरी करती है। दरअसल, पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर सिरसा रैंप के बाद हरियाणा सीमा में उतार-चढ़ाव के लिए रैंप बनाया गया है। दोनों थानों की सीमा में इस पर चढ़ने के लिए कोई रैंप नहीं है। दनकौर पुलिस को लगभग 10 किमी सिरसा गांव के पास ईकोटेक-1 थाना क्षेत्र में जाकर एक्सप्रेसवे पर पहुंचना पड़ता है। ईकोटेक-1 पुलिस को यह रास्ता लगभग 13 किमी पड़ता है।
पापा ने किया था गर्मियों की छुट्टियों में घुमाने का वादा’
सतेंद्र की तीन बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी मीनाक्षी नौवीं कक्षा में है। परिजनों ने मीनाक्षी को उसके पिता की मौत की जानकारी नहीं दी थी। उसे बस पिता के हादसे में घायल होने के बाद अस्पताल में इलाज चलने की बात कही गई थी। वह वहां आने वाले हर व्यक्ति से अपने पापा का हालचाल पूछ रही थी। सभी पापा को जल्द ठीक-ठाक घर लाने की सांत्वना दे रहे थे। उसने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों में पापा ने तीनों बेटियों को घुमाने लेकर जाने का वादा किया था।