इसकी जानकारी मिलने पर वह रविवार रात करीब आठ बजे लोकेश गुप्ता से बात करने गए। समझाने के दौरान लोकेश गुप्ता गाली गलौज करने लगे। झगड़ा होने की जानकारी मिलने पर उनके बेटे महेश और विक्रम वहां पहुंच गए। लोकेश गुप्ता ने अपने छोटे बेटे हर्ष को सरिया लेकर आने के लिए कहा। उसके बाद दोनों पिता पुत्र हमला करने लगे। इसी दौरान लोकेश के दो अन्य बेटे विजय व प्रियांशु वहां आ गए। विजय ने विक्रम को पीछे से पकड़ लिया और हर्ष ने विक्रम के सिर पर सरिया व चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और फरार हो गए। इसके बाद रामजीलाल अपने छोटे बेटे के साथ विक्रम को भगवान महावीर हॉस्पिटल ले गए। साथ ही पुलिस को घटना की जानकारी दे दी। इलाज के दौरान विक्रम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी लोकेश और उसके दोनों बेटों हर्ष और प्रियांश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फरार एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही है।
लोगों ने किया थाने का घेराव
घटना की जानकारी मिलने के बाद आस पड़ोस के लोग थाने पहुंचकर उसका घेराव कर दिया। गुस्साए लोगों ने थाने में जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें फांसी देने की मांग की। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझा कर शांत करवाया।
जवान बेटे की मौत से टूट गए हैं पिता
विक्रम की मौत के बाद से परिवार का रो रो कर बुरा हाल है। पूरा परिवार गमगीन है। बेटे का जिक्र आते ही रामजीलाल फूट फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति के इससे बड़ी दुख की बात क्या होगी कि उसके सामने ही उसके बेटे की हत्या हो जाए। वह दिल्ली में पिछले 35 साल से रह रहे हैं। दोनों बेटों की शादी हो चुकी है। उनकी दो बेटियां हैं। उनकी भी शादी हो चुकी है।
हाथरस में रहते हैं मृतक के बच्चे
विक्रम पीतमपुरा स्थित एक निजी कंपनी में काम करते थे और खाली समय में उनके काम में हाथ बंटाते थे। विक्रम के दो बच्चे हैं। बेटा आठ साल का जबकि बेटी छह साल की है। दोनों अपनी मां के साथ हाथरस स्थित गांव में रहते हैं। विक्रम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने चाहते थे, ताकि उनके बच्चे अच्छी नौकरी पा सकें। उन्होंने इसी साल दोनों बच्चों का हाथरस के नाम स्कूल में दाखिला करवाया था।