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ग्राहकों का डाटा चोरी करवाकर बेचने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार, 200 करोड़ से ज्यादा की ठगी

Mon, 01 Apr 2019 06:12 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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गिरोह का सरगना गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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फर्जी कॉल सेंटरों के लिए डाटा चोरी करवाकर बेचने वाले गिरोह के सरगना को एसटीएफ ने रविवार को सेक्टर-142 से गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान नंदन राव पटेल, कैमूर, बिहार के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से बरामद लैपटॉप से 14 लाख लोगों का डाटा मिला है। 
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दरअसल, आरोपी कंपनियों के लोगों से डाटा लेकर फर्जी कॉल सेंटर चलाने वालों को बेच देता था। कॉल सेंटर वाले ऑनलाइन शॉपिंग, बीमा और अन्य तरीकों के माध्यम से लोगों को लालच देते थे। फिर झांसा देकर रुपये अपने खाते में डलवा लेते थे। 

अब तक करीब 200 करोड़ की धोखाधड़ी की बात कही जा रही है। गिरोह के प्रशांत गर्ग, वीशू गर्ग, दिलीप कुमार, अनुज कुमार, अरुणपाल, सोनू, अनूप विहारी व वीर सिंह अभी फरार हैं। 
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एसटीएफ एसपी विशाल विक्रम ने बताया कि पिछले दिनों अलग-अलग शहरों से ठगी की शिकायतें मिल रहीं थी। जांच में पता चला कि कुछ लोग डाटा चुरा रहे हैं। रविवार को सेक्टर-142 अंसल कारपोरेट पार्क से नंदन को गिरफ्तार किया गया। 

आरोपी एनिक वर्ल्ड कंपनी का निदेशक है। यह कंपनी बल्क एसएमएस सर्विस उपलब्ध कराती है। वह सेक्टर-45 आम्रपाली सफायर में रहता है। उसके कब्जे से दो मोबाइल, एक लैपटॉप समेत काफी सामान बरामद किया गया है। फिलहाल आरोपी एक विश्वविद्यालय से एमबीए कर रहा है।

कई कंपनियों के कर्मचारियों से है साठगांठ  
आरोपी ने कई शॉपिंग कंपनी के कर्मचारियों से साठगांठ कर रखी है। वह 2 रुपये में एक डाटा लेकर फर्जी काल सेंटरों को 6 रुपये में बेच देता था। बंगलूरू, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, नोएडा व दिल्ली एनसीआर में डाटा बेचता था। 

कॉल सेंटर ग्राहकों को बीमा और शॉपिंग में लकी ड्रॉ का लालच देकर खातों में रुपये डलवा लेते थे। सरगना का काम केवल डाटा उपलब्ध कराना होता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी फ्लिपकार्ट, अमेजन, स्नैप डील, शॉपक्लूज, होम शॉप समेत 18 कंपनियों में शॉपिंग करने वाले ग्राहकों का डाटा हैक कर लेते थे।
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फर्जी और किराए के खाते में डलवाते थे रुपये

वहीं, आरोपी जिन खातों में रुपये डलवाते थे वह भी फर्जी ही होते थे। फर्जी खाता खोलने में बैंक के कर्मचारी भी शामिल हैं। जबकि कुछ लोगों से किराए पर भी खाता लिया जाता था। फिर रुपये ट्रांसफर करने के बाद उसे वापस कर देते थे। पठानकोट, बंगलूरू, चंडीगढ़, रायपुर, बीकानेर और यूपी, एनसाीआर के विभिन्न शहरों के लोगों को आरोपी शिकार बना रहे थे।
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