यूएन (यूनाइटेड नेशन) के रिलीफ प्रोजेक्ट्स के लिए भेजा जाने वाले घरेलू सामान (स्टील व एल्यूमीनियम का सामान) के कंटेनरों से 1.25 करोड़ रुपये का माल उड़ाने के आरोप में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान गोपालगंज बिहार निवासी सलाउद्दीन उर्फ छोटू के रूप में हुई है। सलाउद्दीन कंटेनर ट्रक का चालक था और उसने अपने एक अन्य साथी सुनील यादव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। सितंबर में हुई वारदात का पता कंटेनर के केन्या पहुंचने पर चला।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि दिल्ली के जसोला की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी ने सोनीपत की कंपनी कृष्णा ओवरसीज कंपनी का माल दो अक्तूबर को केन्या भेजा था।
केन्या सामान की जगह पहुंचा ईंट पत्थर
करीब दो माह बाद पानी के जहाज से माल के केन्या पहुंचने पर वहां के अधिकारियों ने बताया कि कंटेनर से घरेलू सामान की जगह मिट्टी, कीचड़ व ईंट निकली है। ट्रांसपोर्ट कंपनी ने जसोला थाने में 17 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि 30 सितंबर को दो ट्रकों पर पानीपत से सीलबंद दो कंटेनरों को दिल्ली के तुगलकाबाद, आईसीडी के लिए भेजा गया था। ट्रकों में जीपीएस सिस्टम भी लगा था।
पुलिस ने जीपीएस सिस्टम की जांच की तो पता चला कि सोनीपत से कंटेनर लेकर निकले दोनों चालकों सलाउद्दीन व सुनील के ट्रकों का जीपीएस चार-पांच घंटे के लिए बंद था।
ट्रकों का जीपीएस बंद कर दिया घटना को अंजाम
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि नवंबर के शुरू में सलाउद्दीन व सुनील ने नौकरी छोड़कर अपने मोबाइल फोन बंद कर लिये थे।जिसके बाद उनके संपर्क नहीं हो सका था।
जब पुलिस को इस मामले की जानकारी हुई तो उसने तलाश शुरु कर दी। जांच के दौरान 26 दिसंबर को बिहार के गोपालगंज से पुलिस ने सलाउद्दीन को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में उसने सुनील और यूपी के गैंग की जानकारी दे दी जिसके साथ इस घटना को अंजाम देने की बात कुबूल कर ली।