अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने एमसीडी के टोल टैक्स टेंडर में 680 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए इसकी सीबीआई से जांच कराने और टेंडर रद्द करने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा शासित एमसीडी ने अधिक बोली लगाने वाली कंपनी को तकनीकी आधार पर बाहर कर कम बोली लगाने वाली कंपनी को ठेका देकर बड़ा वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि एमसीडी ने पांच जून को करीब 5,500 करोड़ रुपये के टोल कलेक्शन का टेंडर जारी किया। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में स्थायी समिति को दरकिनार किया गया, जबकि नियमों के अनुसार पांच करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों पर समिति की मंजूरी आवश्यक होती है। उन्होंने दावा किया कि टेंडर में सबसे अधिक 5,500 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाली कंपनी को तकनीकी कारणों का हवाला देकर अयोग्य घोषित कर दिया गया, जबकि 4,820 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाली कंपनी को ठेका दे दिया गया। इससे एमसीडी को लगभग 680 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। दावा किया कि संबंधित कंपनी को हाल ही में एनएचएआई ने ब्लैकलिस्ट किया है, इसके बावजूद उसे ठेका दिया गया।
एमसीडी के सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि टेंडर में जानबूझकर 122 लेन और 24 महीने के सिंगल कॉन्ट्रैक्ट जैसी शर्तें जोड़ी गईं, ताकि सीमित कंपनियां ही पात्र रह सकें। उन्होंने कहा कि टेंडर की शर्तों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की गुंजाइश कम कर दी गई और अधिक राजस्व मिलने की संभावना होने के बावजूद निगम ने कम बोली स्वीकार की।