फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Flood: पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों पर बारिश और मौसम का कहर, बोले- दिल्ली सरकार ने छोड़ा भगवान भरोसे

Thu, 04 Sep 2025 04:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों का आरोप है कि शासन-प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली और न ही टेंट या अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। 
विज्ञापन
Delhi Flood Alert Update: दिल्ली में बाढ़ का अलर्ट किया गया जारी, NDRF की टीमों ने संभाला मोर्चा! - फोटो : self
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वजीराबाद में यमुना का बढ़ता जलस्तर पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों के लिए मुसीबत बन गया है। घरों में पानी भरने से लोगों को सिग्नेचर ब्रिज के पास शरण लेनी पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि शासन-प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली और न ही टेंट या अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। 

विज्ञापन


भारी बारिश ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। कीचड़, पानी और ठंड के बीच खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर ये परिवार अपने आशियाने को खोने के डर से सहमे हुए हैं। यही नहीं रात में वर्षों की मेहनत की कमाई और घर के सामान को बचाने के लिए रातभर जागने को मजबूर हैं। शरणार्थी राहुल सिंह ने बताया कि घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने न टेंट दिए और न ही खान-पान की ठीक व्यवस्था है। 

बारिश होने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। बाढ़ के खतरे के बीच घर की चिंता ज्यादा सता रही है। हमने इतनी मुश्किल से आशियाना बनाया था। अन्य शरणार्थी ने बताया कि हम पाकिस्तान से भागकर यहां शरण लेने आए थे, लेकिन अब विस्थापित हो गए। कोई टेंट नहीं सिर्फ खुले आसमान तले रहना पड़ रहा है। भोजन और पानी की कमी से कई तरह की परेशानियां हो रही हैं।

विज्ञापन

आशंका...
केंद्रीय जल आयोग ने सूचना जारी की है कि दिल्ली में पानी और बढ़ सकता है। इससे आशंका है कि दिल्ली में यमुना का जलस्तर 208 मीटर तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो 2023 की बाढ़ की तरह आउटर रिंग रोड और कश्मीरी गेट आईएसबीटी तक पानी पहुंचने के आसार हैं। इससे दिल्ली में न केवल आवागमन बाधित हो सकता है बल्कि बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित होने का खतरा भी है।

सीजन के पीक डिस्चार्ज का दिखा असर
दिल्ली में बुधवार को यमुना में जो पानी नजर आया है, वह हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को सुबह 9 बजे छोड़े गए इस सीजन के पीक डिस्चार्ज 3.29 लाख क्यूसेक का असर है, लेकिन पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश के कारण सोमवार से बुधवार तक हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे करीब 1.5-2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें