उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हो रही मूसलाधार बारिश के बीच यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर के निचले इलाकों में हालात और बिगड़ गए। डूब क्षेत्रों में घरों में कई फुट तक पानी भर गया। बुधवार रात पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 207.40 मीटर तक पहुंच गया। दिल्ली में निचले इलाकों से अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 25 जगहों पर बनाए गए राहत शिविरों में रखा गया है। राजधानी दिल्ली में खराब मौसम के कारण 439 उड़ानों में देरी हुई है।
विज्ञापन
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पूरा डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया। सेक्टर-151 और 150 के अलावा अन्य जगह फार्म हाउस डूब गए हैं। जिले के 14 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित हैं। नोएडा में पिछले 24 घंटे में 41 मिलीमीटर, जबकि दिल्ली में 19.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। गाजियाबाद में भी जमकर बारिश हुई।
हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से 1.62 लाख क्यूसेक और वजीराबाद बैराज से 1.38 लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने के बाद यमुना में यह उफान आया है। हथिनीकुंड बैराज से पानी इसी गति से छोड़ा जाता रहा तो बृहस्पतिवार सुबह यमुना का जलस्तर 208 मीटर तक पहुंच सकता है। ऐसा हुआ तो 2023 की तरह आउटर रिंग रोड, कश्मीरी गेट आईएसबीटी और अन्य अहम इलाकों तक बाढ़ का पानी घुस सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सामान छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। खाना पकाने की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को बिस्किट और ब्रेड खाकर गुजारा करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
मुंगेशपुर ड्रेन टूटा, कॉलोनी डूबी
दिल्ली सीमा पर हरियाणा के बहादुरगढ़ क्षेत्र में मुंगेशपुर ड्रेन करीब 50 फीट तक टूट गया, जिससे पानी तेजी से राजधानी के सीमावर्ती गांव झाड़ौदा कलां के पास बसी गीतांजलि एन्क्लेव कॉलोनी में घुस गया। अचानक आए पानी से तीन से चार फीट तक जलभराव हो गया और घरों में पानी भर गया। करीब तीन हजार से ज्यादा लोग इस बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित हुए हैं।