काली कमाई का कुबेर यादव सिंह डासना जेल में दीप्ति के दीवाने तीन लाख के इनामी साइको लवर देवेंद्र के साथ बैरक में रहेगा। देवेंद्र भी मुलाहजा बैरक नंबर सात में है।
अब यादव सिंह भी उसी बैरक में रात गुजारेगा, जहां देवेंद्र सोमवार से बंदियों को अपनी एकतरफा दीवानगी के किस्से सुना रहा है। जेल अधीक्षक जयप्रकाश यादव ने बताया कि यादव सिंह को शाम करीब 4:40 बजे डासना जेल लाया गया।
तलाशी ली गई, मगर कुछ नहीं मिला। इसके बाद मेडिकल चेकअप के बाद उसे बैरक नंबर सात में भेज दिया गया, जहां सोमवार को भेजा गया हरियाणा का तीन लाख का इनामी देवेंद्र भी है।
यादव सिंह ने शाम में खाना नहीं खाया
बैरक में खाने में आलू पालक की सब्जी, चावल, रोटी और मसूर की दाल है। जेल सूत्रों ने बताया कि यादव सिंह ने शाम में खाना नहीं खाया। उसने किसी से बात भी नहीं की।
वह खामोश रहा और बेहद उदास लग रहा था। उसने टीवी भी नहीं देखा। बृहस्पतिवार को उसका बैरक बदला जा सकता है। दूसरी तरफ, जेल सूत्रों का दावा है कि देवेंद्र दीप्ति के अलावा अपनी दीवानगी के किस्से बंदियों को सुना रहा है।
इससे पहले यादव सिंह को विशेष सीबीआई कोर्ट में करीब तीन बजकर 40 मिनट पर लाया गया।
सीबीआई कोर्ट से डासना जेल के लिए ले जाया गया यादव सिंह
सीबीआई की एक कार आगे चल रही थी। उसके पीछे दूसरी कार में यादव सिंह था। वह नीले रंग की हाफ जैकेट और नीले रंग की कैप पहने था, जिस पर एस लिखा था।
सुनवाई के बाद 4 बजकर 11 मिनट पर वह सीबीआई कोर्ट से डासना जेल के लिए ले जाया गया। सीबीआई कोर्ट से निकलने के बाद जिस कार में यादव सिंह था वह कुछ देर के लिए जाम में भी फंसी रही।
पुलिसवालों ने सड़क से वाहन हटवाकर कार को निकलवाया।