नोएडा का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल भी अब सीबीआई के निशाने पर आ गया है। प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह की जांच कर रही एजेंसी ने नोएडा प्राधिकरण से इस स्मारक का ब्योरा मांगा है।
प्रोजेक्ट पर करीब 800 करोड़ रुपये प्राधिकरण का खर्च हुआ है। नोएडा प्राधिकरण के सूत्रों ने बताया कि सीबीआई की तरफ से प्राधिकरण को पत्र आया है।
इसमें मुख्य रूप से तीन जानकारी मांगी गई है कि इसकी टेंडर प्रक्रिया का पूरा ब्योरा, कितने लागत से इसे बनाया गया और निर्माण की गुणवत्ता परखने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई है।
मायावती ने किया था स्मारक का लोकार्पण
इस स्मारक का निर्माण भी यादव सिंह के चीफ इंजीनियर रहते हुआ था, इसलिए सीबीआई उसी प्रकरण से इसे जोड़कर देख रही है। हालांकि, प्राधिकरण ने सीबीआई को बताया है कि इसे उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने बनाया है, इसलिए इसकी जानकारी भी वहीं से मिलेगी।
ऐसे में प्रेरणा स्थल का ब्योरा राजकीय निर्माण निगम से भेजा जाएगा। दरअसल, स्मारक का निर्माण जनवरी 2008 में शुरू हुआ था। 14 अक्तूबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने इसका लोकार्पण किया।
पर्यावरण को नुकसान होने का मसला सुप्रीम कोर्ट जाने पर कुछ समय के लिए इसका निर्माण बंद रहा। इस स्मारक में ज्यादातर पत्थर धौलपुर (राजस्थान) से लगे हैं।
निर्माण के वक्त चीफ इंजीनियर इन चीफ से यादव सिंह
इसके निर्माण की अवधि में यादव सिंह चीफ इंजीनियर से इंजीनियर इन चीफ के पद पर रहे। दलित प्रेरणा स्थल के निर्माण से जुड़े कई फैसले उनके समय में लिए गए। इस कारण अब सीबीआई उनके प्रभाव की जांच करना चाह रही है।
राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल करीब 82.5 एकड़ एरिया में फैला है। इसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर व पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा 11 महापुरुषों की मूर्तियां लगी हैं। प्रेरणा स्थल में सौ फुट ऊंचाई का समता मूलक स्तंभ बना है, जिन पर अशोक चक्र बना हुआ है।
दो फाउंटेन लगे हैं, जिनकी ऊंचाई 52 फुट है। 22 हाथियों की गैलरी बनी है। प्रेरणा स्थल के अंदर एक खूबसूरत पार्क है, जिसमें मौलिश्री, कचनार, अशोक, सेमल, पिलखन, अमलतास आदि प्रजाति के करीब 7.5 हजार पौधे लगे हैं।
ज्यादातर प्रोजेक्ट का ब्योरा सीबीआई तलब कर चुकी है
वर्ष 2014 में आयकर विभाग ने यादव सिंह के यहां छापा मारकर काली कमाई का खुलासा किया था। मामला ज्यादा गंभीर होने पर आयकर विभाग ने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) समेत अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच कराने को कहा था।
बाद में कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी थी। ईडी भी जांच कर रहा है। केंद्रीय जांच एजेंसियां यादव सिंह की तैनाती (2002 से 2014) के कार्यकाल की जांच कर कर रही है।
नोएडा के ज्यादातर प्रोजेक्ट का ब्योरा सीबीआई तलब कर चुकी है। उसमें एक प्रोजेक्ट दलित प्रेरणा स्थल भी है। जांच एजेंसियों के सामने यादव सिंह, परिवार के सदस्य, कारोबार में सहयोगी, ठेेकेदार आदि से पूछताछ का सिलसिला चल रहा है।