आज पहली तारीख है। बैंक में सैलरी पहुंचने लगी है पर लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उसे निकालें कैसे। एटीएम के बाहर लंबी कतार व बैंक में कुछ घंटों बाद नो कैश का बोर्ड लग जाता है। नोटबंदी के बाद नवंबर का महीना तो लोगों ने किसी तरह निकाल लिया पर इस माह बड़ी चुनौती है।
जरूरत के खर्च के हिसाब से अगर बैंक से पैसे नहीं निकलते हैं तो काफी दिक्कत होगी। एचडीएफसी बैंक के बाहर कतार में लगे अमित ने बताया कि वह तीन दिन से आ रहे हैं, मगर रोज नंबर आने से पहले पैसा खत्म हो जा रहा है।
अब तो सैलरी भी आ गई, लेकिन अपना ही पैसा निकालने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कतार में खड़े लोगों ने कहा है कि बैंककर्मी भी अब सही जानकारी नहीं देते हैं। बैंक खुलते ही कुछ घंटों में पैसा खत्म हो जाता है। इंदिरा विहार निवासी मोहन लाल चोपड़ा ने बताया कि घर में कैश बचा नहीं है।
बैंक के बाहर लंबी कतार है। कैश मिलेगा नहीं तो काम कैसे चलेगा। यहीं सोचकर परेशान हूं। उन्होंने बताया कि घर में दो काम वाली है। दोनों को तनख्वाह देनी है। दोनों के पास बैंक अकाउंट नहीं है। बैंक की भीड़ देखकर हिम्मत नहीं हो रही है। इसके अलावा घर के दूसरे खर्च भी हैं। कॉलोनी की दुकान में सब जगह कैशलेस की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हम क्या करे समझ नहीं आ रहा है।
नहीं मिल रहे पैसे
बुधवार को कैश की मांग बढ़ने के साथ बैंकों में कैश की कमी बरकरार रही। दिल्ली में कई स्थानों पर लोग कैश पाने के लिए तीन दिन से लाइन में खड़े हो रहे हैं, मगर नंबर आने से पहले ही बैंक में कैश खत्म हो जाता है। सुबह छह बजे से ही लोग बैंक की कतार में लगने लगते हैं। अधिकांश एटीएम में कैश नहीं होने से अब लोग चेक से कैश निकालने के लिए बैंक का रुख कर रहे हैं। मगर अब बैंकों के बाहर भी नो कैश का नोटिस लगने लगा है।