लंबे इंतजार के बाद भाजपा नेतृत्व ने नई रणनीति के तहत मनोज तिवारी को दिल्ली और नित्यानंद राय को बिहार की कमान सौंप दी है। दिल्ली में अगले साल नगर निगम चुनाव को देखते हुए पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले गायक, अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
वहीं, यादव बिरादरी के दबंग नेताओं में श्ुामार राज्यसभा सदस्य नित्यानंद राय को अध्यक्ष बनाकर बिहार में नई शुरुआत का संकेत दिया है। तिवारी की नियुक्ति को अगले साल होने वाले नगर निगम चुनाव के लिए पूर्वांचल वोटरों को साधने की रणनीति से जोड़ कर देखा जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व ने इस बार बिहार में पुराने दिग्गजों के बजाय नए चेहरे पर भरोसा जताया है। दोनों राज्यों में पुराने अध्यक्ष कार्यकाल खत्म होने के बाद भी लंबे समय से अपने-अपने पदों पर जमे थे। इन दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार झेलनी पड़ी थी।
दिल्ली में भाजपा के पास दिग्गज चेहरों को आजमाने का विकल्प था, मगर नेतृत्व ने नए चेहरे के रूप में तिवारी पर दांव लगाने का फैसला किया। राजधानी के कुल मतदाताओं में पूर्वांचल के मतदाताओं की हिस्सेदारी 40 फीसदी है।
ऐसे में नेतृत्व को उम्मीद है कि गायक-अभिनेता के तौर पर पूर्वांचल में बेहद लोकप्रिय तिवारी इन मतदाताओं का आम आदमी पार्टी से मोहभंग कराने में सफल होंगे। नेतृत्व ने पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, पवन शर्मा, रमेश विधूड़ी सहित कुछ अन्य दिग्गज नेताओं के नाम पर भी मंथन किया था।
बहरहाल तिवारी को अगले ही साल निगम चुनाव में पहली अग्निपरीक्षा देनी होगी। दिल्ली की तरह बिहार में भी राय को संगठन की कमान देकर पार्टी ने नई शुरुआत करने और सुशील मोदी, नंदकिशोर यादव और मंगल पांडे की तिकड़ी पर केंद्रित राजनीति को खत्म करने की पहल की है।
चार बार विधायक रह चुके राय उस यादव बिरादरी से हैं, जिनमें राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जबर्दस्त पकड़ है। चूंकि राय खुद दबंग माने जाते हैं, ऐसे में पार्टी को चुनाव नतीजों पर असर डालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली इस बिरादरी में पैठ बनने की उम्मीद है। इन दोनों ही फैसलों से नेतृत्व ने दोनों ही राज्यों में नई पीढ़ी को सामने लाने का भी साफ संदेश दे दिया है।