डॉक्टरों की सलाह पर करें अमल
सफदरजंग अस्पताल में नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर हिमांशु वर्मा ने बताया कि मरीजों को डॉक्टर को पूरी जानकारी देनी चाहिए। कई बार डायलिसिस करवाने आए मरीज जरूरी इंजेक्शन को लगवाने से दूरी बना लेते हैं जिससे नुकसान होता है। वहीं कई मरीज अन्य बीमारी से पीड़ित होते हैं लेकिन उसकी जानकारी नहीं देते, जो न केवल उनके लिए बल्कि उनके संपर्क में आने वालों के लिए घातक होता है। यदि मरीज पर्याप्त जानकारी व डॉक्टर की सलाह मानें तो चिकित्सा में त्रुटि को दूर किया जा सकता है।
चिकित्सा में त्रुटि के कारण ज्यादा मौतें
कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर ने वैश्विक रिसर्च का दावा करते हुए कहा कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा मौत चिकित्सा में त्रुटि के कारण होती है, इन्हें रोका जा सकता है। यदि मरीज अपने उपचार करे लेकर जागरूक रहता है तो इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। वहीं डॉक्टरों को भी तकनीकी रूप से होने वाली गलती पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
चिकित्सा त्रुटि से होती है मौत
ब्रिटिश मेडिकल जनरल में छवि रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर के अस्पताल में इलाज के दौरान होने वाली मौत से ज्यादा बचाई जा सकने वाले मरीज की मौत चिकित्सा त्रुटि के कारण हो जाती है। रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़ा काफी ज्यादा है।