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World Book Fair: सोशल मीडिया ने बनाई किताबों से दूरी... अब वही ला रहा है पास, यहां लगा एक 'आजाद' पुस्तक मेला

Fri, 16 Jan 2026 02:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इस बार के पुस्तक मेले में जेन जी की भीड़ ने साबित कर दिया कि पुस्तकों का प्रेम इतना कमजोर नहीं जिसे तकनीकें डिगा सकें।
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बृहस्पतिवार को भारत मंडपम के गेट नंबर 10 के बाहर सड़क पर लोगों की भीड़ जमा दिखी। पास जाकर एक व्यक्ति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंकल रेत की मछली है क्या? रेत की मछली.......? हां, गुनाहों के देवता के साथ कॉम्बो में है। कॉम्बो में? अरे वाह, दे दीजिए। यह बातचीत विश्व पुस्तक मेले के हॉल नंबर दो में लगे स्टॉल एसएन 14 की थी, जहां दो लड़कियां रेत की मछली की किताब तलाश रहीं थीं। बेहद थकी हुई, लेकिन इस स्टॉल पर मनपसंद किताब पाकर इतनी खुश हुई जितनी मछली पानी के भीतर होती है। एक किताब की इतनी शिद्दत से तलाश के पीछे वजह पूछी तो पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

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राजकमल प्रकाशन के स्टॉल संचालक ने बताया कि सोशल मीडिया ने ही किताबों से दूरी बढ़ाई अब वही पाठकों को पुस्तक मेला तक ला रहा है। दरअसल, गुनाहों के देवता का जवाब इस किताब में है, इसलिए लोग इसे पढ़ना चाहते हैं। सदी प्रकाशन के संयोजक जितेंद्र जित्यांशु से पूछा कि गुनाहों के देवता का चंदर क्या गुनाहगार है? उन्होंने यह सवाल बड़ी शालीनता से मेरी तरफ घुमा दिया।

तर्क ये था कि सोशल मीडिया पर कई सवाल पूछे जा रहे थे, कि चंदर ने सुधा का त्याग क्यों किया? अपना मत यह था कि, जब किसी बेटी का बाप अपने घर में एक पराए जवान लड़के को पनाह दे, जबकि उसके घर में जवान बेटी हो। तो पराए जवान लड़के को प्रेम त्यागकर भरोसा चुनना चाहिए। वो आंखें जो उस मर्यादा को निहारें उसकी रोशनी कम कर देनी चाहिए। वो इच्छा जो विश्वास का विरोध करे उसकी हत्या कर देनी चाहिए। यह उत्तर सुनते ही वो मुस्कुराएं, और कहा चंदर देवता है।
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किताबों की दुनियां में जेन जी और सोशल मीडिया
अजदहा बन के आया मोबाइल, ये किताबें निगल गया कितनी....। मशहूर शायर अनीस शाह अनीस ने यह शेर लिखा था। लेकिन इस बार के पुस्तक मेले में जेन जी की भीड़ ने साबित कर दिया कि पुस्तकों का प्रेम इतना कमजोर नहीं जिसे तकनीकें डिगा सकें। विश्व पुस्तक मेला 2026 को जेन जी जनरेशन एक अलग ही नजरिए से देख रही है। हर पोस्ट पर किताबें पढ़ते जेन जी और पोस्ट के नीचे #worldbookfair2026...। इस बार इंस्टाग्राम पर दीवार में एक खिड़की हुई करती थी'', ''''रेत की मछली'''', ''''गुनाहों का देवता'''' और अक्टूबर जंक्शन जैसी किताबें काफी ट्रेंड पर रही।

एक चराग और एक किताब और एक उमीद-ए-असासा.....
विश्व पुस्तक मेले में बायोपिक, किस्से-कहानियां और इतिहास से बढ़कर उर्दू शायरी की किताबों ने अलग जगह बनाई है। पुस्तक मेले में जाने-माने साहित्यकारों ने आयोजित डिबेट में भाग लिया। मंच पर मौजूद लेखकों ने पूरी तबीयत से साहित्य को क्यों पढ़ें और किताबें इतनी जरूरी क्यों हैं, जैसी विषयों पर जोर दिया। पुस्तक मेले के दौरान कई डिबेट, लेखन, तर्क-वितर्क और कविता पाठन जैसे कार्यक्रम आयोजित हुई। वहीं, इसी मेले में कई नई किताबों का जन्म हुआ जो आगे पाठकों को नई दिशा देंगी। जगह-जगह पुस्तक विमोचन कार्यक्रम किए गए।

विश्व पुस्तक मेले के बाहर आजाद पुस्तक मेला
यह पुस्तक मेला भारत मंडपम के हॉल में चल रहे पुस्तक मेले से अलग है। यहां न पहरेदार हैं और न ही गार्ड। भारत मंडपम में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में काफी भीड़ देखते हुए कुछ दुकानदारों ने गेट नंबर 10 के बाहर सड़क पर एक छोटा सा पुस्तकों का बाजार लगाया है। यहां तकरीबन 25 से ज्यादा किताबों के स्टॉल हैं। कीमतें अंदर चल रही विश्व पुस्तक मेला से काफी सस्ती।

स्टॉल पर क्या कहां

  • लेखक मंच - हॉल संख्या - 2
  • हिंदी एवं भारतीय भाषाओं के प्रकाशक - हॉल संख्या - 2 और 3
  • ऑथर्स कॉर्नर, थीम मंडप, व्यापार प्रदर्शनी - हॉल संख्या - 5
  • बाल मंडप - हॉल संख्या - 6
  • विदेशी मंडप - हॉल संख्या - 4
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