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विश्व एड्स दिवस : जागरूकता के साथ बढ़ता जा रहा मर्ज

Thu, 01 Dec 2016 01:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

पिछले वर्ष के मुकाबले एड्स संक्रमितों की संख्या में 36 फीसदी इजाफा
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एड्स - फोटो : NACO
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विस्तार
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जहरीली आबोहवा के चलते हर सांस में जहर निगल रहे औद्योगिक शहर फरीदाबाद में एड्स जैसी बीमारी के मरीजों का ग्राफ बढ़ रहा है। हालांकि, इस घातक बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ी है। जांच कराने वाले मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ा है लेकिन इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या बढना चिंता का विषय बना हुआ है।
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पिछले वर्ष के मुकाबले संक्रमितों की संख्या में 36 फीसदी इजाफा हुआ है। यानी इस जानलेवा रोग के प्रति जागरूकता तो बढ़ी है लेकिन इसपर अंकुश नहीं लग पा रहा है। औद्योगिक शहर में हर प्रांत और विभिन्न आय वर्ग के लोग बसते हैं।

वर्ष 2014 में सबसे ज्यादा 231 महिला-पुरुषों एचआईवी संक्रमण पाया गया था। बताया जाता है कि अचानक बढ़े ग्राफ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया। नतीजतन, 2015 में संक्रमितों की संख्या कम होकर 161 पहुंच गई, लेकिन अब एक बार फिर हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
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वर्ष 2016 पूरा होने में अभी पूरा एक महीना शेष है और संक्रमितों की संख्या 220 तक पहुंच गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को अब और अधिक चौकन्ना होने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग परिवार के सदस्यों की जांच करने के साथ ही संक्रमण से बचने के उपायों की भी जानकारी दे रहा है।
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एड्स के प्रति विशेषकर महिलाओं को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।

लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक - फोटो : amar ujala
एड्स के प्रति विशेषकर महिलाओं को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। ज्यादातर पुरुष ही एड्स जांच कराते हैं यही वजह है कि हर बार एचआईवी पॉजिटिव पुरुषों की संख्या महिलाओं से ज्यादा होती है।

एड्स से बचना है तो
असुरक्षित यौन संबंध नही बनाएं
खून चढ़वाने से पहले जांच कराएं कि वह संक्रमित तो नहीं 
हर बार नई सुई या सीरिंज के इस्तेमाल करें या फिर सुई का विसंक्रमित होना सुनिश्चित करें 
प्रसव के समय पॉजिटिव मां और नवजात को नेब्रापिन दवा जरूर पिलाएं

बचाव के लिए जागरुकता जरूरी
पूर्व काउंसिलर डॉ. वीना शर्मा के अनुसार इस बीमारी से जागरूकता से ही बचा जा सकता है। आईसीटीसी सेंटर आकर युवाओं को इस खतरनाक बीमारी के बारे जानकारी लेनी चाहिए। सेंटर पर यह जानकारी गोपनीय रखी जाती है। लाज-शर्म को छोड़कर एचआईवी/एड्स पर खुल कर बातचीत करें और इस बीमारी से स्वयं को सुरक्षित रखें।

जागरूकता और रोग दोनों बढ़ रहे साथ 
वर्ष    जांच        संक्रमित  पुरुष    महिला    गर्भवती   
2011    12027    179    119        54           6    
2012    16702    195    120        68          7
2013    19289    174    144        24          6
2014    20190    231    158       62         11            
2015    24959    161    102        53           6
2016    24306    220    149        63           8
नोट 2016 के आंकड़े  30 नवंबर तक के हैं।
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