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सैलरी आने के साथ ही बैंकों में बढ़ा दबाव, फेल हुए इंतजाम

Thu, 01 Dec 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरूग्राम
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नोट - फोटो : अमर उजाला
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तनख्वाह आने के साथ ही बैंकों पर दबाव बढ़ गया है। पहले दिन बुधवार को प्रशासन और बैंकों के सभी दावे फेल हो गए। बैंकों और एटीएम में पैसा नहीं होने के कारण उनकी हालत खराब रही।
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गुस्साए लोगों ने बुधवार को सात जगहों पर हंगामा किया। सिविल लाइन के आईसीआईसीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक में हंगामे के बाद आनन-फानन में पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराया।

नोटबंदी के बाद अब सरकारी और निजी कंपनियों के कार्यरत लोगों की तनख्वाह देने का समय आ गया है। एक दिसंबर को सरकारी और अन्य निजी कंपनियों के लोगों की तनख्वाह आने पर और दबाव बढ़ना तय है।
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बैंकों को समझ मेें नहीं आ रहा है कि आखिर अब क्या करें? वहीं, बैंकों के एक आंकलन के मुताबिक बीते आठ दिनों के मुकाबले एक दिसंबर से 70 फीसदी अधिक मांग होने की उम्मीद है।

बता दें कि जिले में सभी बैंकों और एटीएम के लिए कम से कम 3200 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। बुधवार सुबह से कई कंपनियों ने तनख्वाह बांटनी शुरू कर दी थी। तनख्वाह मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग नकदी निकासी के लिए बैंकों की तरफ पहुंचे।

जिसकी वजह से सभी बैंकों की व्यवस्था चौपट दिखी। बैंकों की तरफ से जो इंतजाम के दावे किए जा रहे थे, सब शून्य निकले। वहीं, अग्रणी बैंक के मैनेजर आरसी नायक का कहना है कि सभी बैंकों को सीधे भारतीय रिजर्व बैंक से बात करने के लिए कहा गया है। नए नोट की आपूर्ति के कहा गया है। करेंसी चेस्ट के बैंकों को भी दूसरे बैंकों की सहायता करने के आदेश दिए गए हैं।आज बढ़ेगा अतिरिक्त दबाव
बृहस्पतिवार को सभी सरकारी दफ्तरों में कार्यरत क्लास-1 से क्लास-4 तक और संविदा में कार्यरत कर्मचारियों की तनख्वाह आएगी। इसके अलावा अधिकतम कंपनियों की तनख्वाह भी एक तारीख शाम तक अकाउंट में डाल दी जाएगी।

आठ नवंबर के बाद मचे हाहाकार के बीच पहली बार तनख्वाह आ रही है। इस वजह से बृहस्पतिवार व शुक्रवार को अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा, लेकिन बुधवार तक कोई अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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वित्त मंत्री ने संभाला मोर्चा

एटीएम - फोटो : अमर उजाला
बैंक और एटीएम रहे खाली
बुधवार को सुबह दो घंटे में कई बैंक खाली हो गए। सिविल लाइन के आठ बैंक एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक महिंद्रा समेत अन्य बैंक ‘आउट ऑफ कैश’ हो गए। सभी एटीएम खाली रहे।

सेक्टर-14, सेक्टर-31, डूंडाहेड़ा समेत अन्य जगहों पर भी बैंकों के पास नए नोट नहीं थे। एचडीएफसी के बैंक मैनेजर विपुल गुप्ता का कहना है कि करेंसी चेस्ट से जितने रुपये मिल रहे हैं, सब बांट दिए जा रहे हैं। मांग के मुकाबले केवल 10 फीसदी ही पूर्ति हो पा रही है। जिसकी वजह से यह दिक्कत आ रही है।

वित्त मंत्री ने संभाला मोर्चा
बैंकों में नए नोट की आपूर्ति में कमी के मद्देनजर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने खुद मोर्चा संभाला। गुरुग्राम आकर सभी अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी अधिकारियों को अपने विभाग में कैशलेस ट्रांजेक्शन के आदेश दिए।

प्री-पेड, डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस), अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री डाटा (यूएसएसडी) बेस्ड मोबाइल बैंकिंग, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) तथा मोबाइल फोन पर वॉलेट तरीके को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।

खाता खुलने की प्रक्रिया शुरू
बैंकों में तनख्वाह के नजदीक आते ही खाता खोलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सेक्टर-32 स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में मेन गेट के पास ही अकाउंट खोला जा रहा है।

जबकि अन्य बैंकों में अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। इसमें अधिकांश मजदूर तबके और संविदा पर कार्यरत कर्मचारी हैं। भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि अकाउंट तो खुल रहे हैं, लेकिन जब पैसे ही नहीं मिल रहे तो अकाउंट खोलने का क्या फायदा?

पुलिस व्यवस्था के दिए आदेश
बृहस्पतिवार को रेलवे रोड, सिविल लाइन और सेक्टर-14 के बैंकों के बाहर पुलिस तक मौजूद नहीं थी। हालांकि पुलिस विभाग का दावा है कि सभी जगहों पर दो-दो पुलिस कर्मी के इंतजाम किए गए हैं।

​पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि सभी जगहों पर गश्त बढ़ाने के लिए पहले ही आदेश दिए गए हैं। संबंधित थाने के एसएचओ को भी बैठक कर व्यवस्था का जायजा लेने को कहा गया है।
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