हज पर जाने के लिए महिलाओं को अब पति या बच्चों के साथ होने की आवश्यकता नहीं है। हज कमेटी ने अकेली महिला यात्रियों के लिए दो सौ सीटें बढ़ाकर आरक्षित करने के साथ ही नियमों में थोड़ा ढील दिया है।
उप्र हज कमेटी ने पहली बार अकेली महिला आवेदकों को हज पर जाने का मौका दिया है। अब महिला को किसी भी रिश्तेदार के साथ जाने पर अनुमति दी जाएगी।हज अधिकारी तनवीर अहमद ने बताया कि महिलाओं का कोई भी रिश्तेदार अगर हज यात्रा में जा रहा होगा तो वे भी हज पर जा सकेंगी।
अभी तक नियमों के तहत इस तरह के आवेदन निरस्त कर दिए जाते थे, क्योंकि महिलाओं को पति या बच्चों के साथ ही हज पर जाने की अनुमति दी जाती थी। इस बार अकेली महिलाओं के आवेदनों में से दो सौ यात्रियों को चुनकर फोन और ई-मेल के जरिए सूचित कर दिया गया है।
अफसर बोले
अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सदस्यों के नहीं होने पर बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा और देखरेख में परेशानी को देखते हुए आवदेन निरस्त होते थे। यात्रा के दौरान तबियत खराब होने या फिर किसी तरह की परेशानी आने पर मुश्किल होती है। हर वर्ष ऐसे सैकड़ों आवेदन आते हैं।