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Delhi AIIMS: अल्ट्रासाउंड के लिए महिलाएं को मिल रही पांच महीने बाद की डेट, डॉक्टर को चाहिए हफ्तेभर में रिपोर्ट

Sun, 14 Apr 2024 05:58 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एम्स के मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक में स्थित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में रोजाना सैकड़ों महिलाएं इलाज करवाने आ रही हैं। इनमें से करीब 10 फीसदी महिलाओं को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करवाने का सुझाव देती है। लंबी तारीख मिलने के कारण इनमें से अधिकतर महिलाएं बाहर से ही जांच करवा रही हैं।
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एम्स दिल्ली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेटी को हुई बच्चेदानी में परेशानी का इलाज करवाने एम्स आई सावित्री को अल्ट्रासाउंड करवाने की तारीख पांच माह बाद की मिली है। हालांकि डॉक्टर ने अगले सप्ताह ही रिपोर्ट के साथ आने को कहा है। यह देख सावित्री ने मजबूरन बाहर से ही बेटी का अल्ट्रासाउंड करवाने का निर्णय लिया। यह मामला महज एक बानगी है।

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एम्स के मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक में स्थित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में रोजाना सैकड़ों महिलाएं इलाज करवाने आ रही हैं। इनमें से करीब 10 फीसदी महिलाओं को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करवाने का सुझाव देती है। लंबी तारीख मिलने के कारण इनमें से अधिकतर महिलाएं बाहर से ही जांच करवा रही हैं। महिलाओं की माने तो अल्ट्रासाउंड की सुविधा एम्स में उपलब्ध है। इस सुविधा के लिए ब्लॉक में ही बने काउंटर नंबर 11 से तारीख लेनी पड़ती है। यहां से तारीख मिलने के बाद राजकुमारी अमृत कौर भवन में स्थित लैब में अल्ट्रासाउंड करवाना होता है।

विभाग में इलाज करवाने आई पूजा ने बताया कि पेट की समस्या की जांच के लिए डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड का सुझाव दिया है। लेकिन एम्स में इस जांच के लिए सितंबर की तारीख दी गई है। उनका कहना है कि यदि समय पर अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ तो दिक्कत बढ़ जाएगी। ऐसे में मजबूर होकर बाहर से ही अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। बिना जांच के डॉक्टर इलाज नहीं कर पाएगी।

वहीं यूपी के बरेली से आई एक अन्य महिला ने कहा कि डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के अलावा कुछ खून की जांच लिखी थी। यहां काउंटर नंबर 11 पर खून की जांच के लिए तो उसी दिन की तारीख मिल गई जबकि अल्ट्रासाउंड के लिए सितंबर में आने को कहा है। ऐसे में केवल अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए इतनी दूर से फिर आना संभव नहीं है। यहीं कारण है कि बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाना बेहतर समझा और उसके लिए तारीख नहीं ली।
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वहीं, इस संबंध में जब एम्स के मीडिया प्रमुख डॉ. रीमा दादा से संपर्क करने का प्रयास किया तो अस्पताल का वर्जन नहीं मिल पाया।
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