जेल में अधिकार छीनकर सीएम का मनोबल तोड़ने की साजिश : आप
शनिवार को आप ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जेल में केजरीवाल को परेशान करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि केंद्र के कहने पर ही जेल प्रशासन सीएम को न्यूनतम अधिकारों से वंचित कर रहा है। आप से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि जेल प्रशासन ने मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता केजरीवाल और भगवंत मान को मुलाकाती जंगला से मिलने की अनुमति दी। जबकि जेल प्रशासन के पास आमने-सामने बैठाकर मुलाकात कराने का अधिकार है। जेल में अपराधियों की भी मुलाकात आमने-सामने कराई जाती है। जेल मैनुअल में मिले न्यूनतम अधिकार और सुविधाएं छीनकर केजरीवाल का मनोबल तोड़ने की साजिश है, लेकिन दिल्ली की जनता इसका जवाब वोट से देगी।
उन्होंने कहा कि जेल का नियम 602 और 605 यह कहता है कि किसी की भी मुलाकात आमने-सामने कराई जा सकती है। यह अधिकार जेल प्रशासन को होता है। केजरीवाल का हालचाल जानने के लिए जब सुनीता केजरीवाल आवेदन करती हैं तो कहा जाता है कि आप आमने-सामने मुलाकात नहीं कर सकते, जबकि जेल में अपराधियों की भी मुलाकात बैरक में होती है।
रद्द कर दिया मुलाकात का टोकन
संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल से मान और मेरी मुलाकात के लिए हमारे वकील आवेदन करते हैं तो टोकन नंबर 4152 दे दिया जाता है, लेकिन मुलाकात से एक रात पहले मेल आती है कि सुरक्षा कारणों से इतने शार्ट नोटिस पर मुलाकात नहीं कराई जा सकती। बाद में केजरीवाल और मान की मुलाकात कांच की दीवार में कराने की बात की जाती है। जेल प्रशासन ने मेरी मुलाकात तो रद्द ही कर दी। इसी जेल में सुब्रत रॉय सहारा की मुलाकात इंटरनेट, फोन, ऑफिस आदि सुविधाओं के साथ होती थी। चंद्रा ब्रदर्स बैठक करते थे और कई कागज पर साइन करते थे, लेकिन केजरीवाल को सुविधा नहीं दी जा रही है।