संवाद न्यूज एजेंस
नई दिल्ली। चैत्र नवरात्र और चैती छठ पर व्रती महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। दोनों पर्वों के नियमों का पालन करते हुए महिलाएं विधि-विधान के साथ व्रत कर रही हैं। सोमवार को खरना के अवसर पर व्रत रखने वाली महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से प्रसाद तैयार किया, लेकिन नवरात्र को ध्यान में रखते हुए सामग्री में बदलाव भी किया गया।
आम तौर पर खरना के प्रसाद में जहां गेहूं के आटे की रोटी बनाई जाती है, वहीं इस बार नवरात्र होने के कारण कई व्रती महिलाओं ने सिंघाड़े या कुट्टू के आटे की रोटी तैयार की। इसी सवां के चावल से रसिया खीर बनाकर छठी मईया को भोग लगाया गया। महिलाओं का कहना है कि दोनों व्रतों की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह बदलाव आवश्यक है।
पूरे दिन व्रत रखने के बाद शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और खरना का प्रसाद ग्रहण किया गया। घरों में साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा गया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पूजा करती नजर आईं, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
वर्जन
हम लोग नवरात्र और छठ दोनों का व्रत कर रहे हैं, इसलिए खाने-पीने में बहुत सावधानी रखनी पड़ती है। सिंघाड़े के आटे की रोटी और सवां के चावल की खीर बनाकर ही प्रसाद चढ़ाया है। सीता, पहाड़गंज
दोनों व्रत हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। नियमों का पालन करते हुए पूजा करने से मन को शांति मिलती है और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।रेणु, पहाड़गंज