इस रूट पर चलने वाली दो शटल गाड़ियां महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है। इनमें सफर करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है। बताया जाता है कि दो गाड़ियों में ही सुरक्षा को लेकर ज्यादा शिकायतें रेलवे को मिल रही हैं।
जल्द ही इन ट्रेनों की सुरक्षा चाकचौबंद की जाएगी। गाड़ियों के स्टेशन पर आने-जाने के दौरान चेकिंग की जाएगी। जरूरत पड़ी तो संवेदनशील ट्रेनों के महिला आरक्षित कोच में ही सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
ज्ञात हो कि पलवल से नई दिल्ली के बीच प्रतिदिन काफी संख्या में महिला यात्री शटल गाड़ियों में आती-जाती हैं। सफर में महिला यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी महिला बोगी में पुरुषों का जबरन चढ़ना है। यह अकसर देखने में आता है कि ट्रेनों में पुरुष यात्री महिला यात्रियों से बदसलूकी व छेड़छाड़ करते हैं।
बताया जाता है कि रेलवे को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही है कि शाम को गाजियाबाद- कोसीकलां शटल में न्यूटाउन स्टेशन से बड़ी संख्या में पुरुष महिला बोगी में चढ़ जाते हैं और गाली-गलौज करते हैं। यदि कोई महिला विरोध करती है तो उसके साथ बदसलूकी की जाती है।
कई बार तो लोग भद्दी टिप्पणी करने से भी बाज नहीं आते। यही हाल मथुरा-गाजियाबाद शटल का है। इन दोनों ही ट्रेनों को लेकर महिला यात्रियों को पिछले साल 17 शिकायतें की थीं।
रेलवे सुरक्षा बल के सुरक्षा अधिकारी एमएस सुनील का कहना है कि इन दोनों ट्रेनों के महिला कोच की विशेष निगरानी होगी और रेंडम चेकिंग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सादी वर्दी में सुरक्षा जवान तैनात किए जाएंगे।