कानून एवं न्याय विभाग से जुड़ी फाइलों को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश के एक दिन बाद शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने विभागों में बड़ा फेरबदल किया। दिल्ली सरकार की सिफारिश पर यह विभाग कैलाश गहलोत से लेकर आतिशी को सौंप दिया गया है। वहीं, आतिशी से महिला एवं बाल विकास विभाग लेकर कैलाश गहलोत को दिया गया है।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि शहर में न्यायिक बुनियादी ढांचे और प्रशासन के मुद्दे कई माह तक मंत्री के पास लंबित रहे। इसे लेकर हुए विवाद के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने एलजी कार्यालय को पत्र लिखकर आतिशी को कानून मंत्रालय का प्रभार सौंपने की सिफारिश की। दिल्ली सरकार की इस सिफारिश को एलजी ने मंजूरी दे दी।
इससे पहले अक्तूबर में उन्हें जल विभाग का प्रभार सौंपा गया था। जून में आतिशी को राजस्व, योजना और वित्त विभागों का प्रभार दिया गया था। ये विभाग पहले कैलाश गहलोत के पास ही थे। नए बदलाव के बाद कैलाश गहलोत के पास परिवहन, गृह, प्रशासनिक सुधार विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ही बचा है।
अधिकारियों का कहना है कि कानून मंत्री की देरी के कारण एलजी ने अदालतों, न्यायिक बुनियादी ढांचे, शीघ्र न्याय वितरण और प्रशासन प्रणाली से संबंधित फाइलें वापस ले ली थी। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है उन्होंने कहा कि कानून मंत्री के पास छह महीने तक लंबित फाइलों को तीन दिन के भीतर अवलोकन और विचार के लिए उन्हें सौंपें। उपराज्यपाल सचिवालय को प्रमुख सचिव (कानून और न्याय) की एक रिपोर्ट से सूचित किया गया कि 18 फाइलें लंबित हैं।