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थानेदार के खिलाफ महिला पहुंची हाईकोर्ट, जानें वजह

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मोती नगर के पूर्व थानाध्यक्ष के खिलाफ विवाहित होने के बावजूद फर्जी तरीके से दूसरा विवाह करने और जान से मारने की धमकियां देने के मामले में पीड़ित महिला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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अदालत ने याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने मामले में निचली अदालत का रिकॉर्ड तलब करते हुए सुनवाई 13 जुलाई तय कर दी।

दिल्ली निवासी 36 वर्षीय महिला ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें पूर्व थानाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था।

लगातार थानेदार करने लगा फोन

महिला ने याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी काफी प्रभावशाली है और वह उसे व उसके बच्चे को जान से मारने की धमकियां दे रहा है। इसके बावजूद अधिकारी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया था।

महिला ने याचिका में कहा कि उसका पहले पति से तलाक हो गया था और वह एक अन्य व्यक्ति के साथ लिव इन रिलेशन में रहने लगी। उक्त व्यक्ति ने उससे मारपीट की तो उसने 24 फरवरी 2012 को मोती नगर थाने में शिकायत दी।

बार-बार थाने में जाने के बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उसने थानाध्यक्ष से मुलाकात की तो वह उसे नियमित फोन करने लगा। थानाध्यक्ष ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ तब रिपोर्ट दर्ज की जब वह विदेश भाग गया था।
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इस तरह खुला मामला

इसके बाद थानाध्यक्ष उसके घर आने लगा व 4 मार्च 12 को उसके समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा। उसके मना करने पर वह उसे परेशान करने लगा आखिर उसने 7 जून 12 को विवाह की सहमति दे दी।

एक छोटे समारोह में दोनों ने विवाह कर लिया। इसके बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया औ स्कूल में पिता के नाम पर थानाध्यक्ष का नाम दर्ज करवाया गया।

महिला ने कहा कि इसी बीच उसने पाया कि पुलिस अधिकारी एक महिला से एसएमएस से संपर्क में है और जांच में पता चला कि वह पहले से विवाहित है और उसके दो बच्चे भी हैं। इसके बाद पुलिस अधिकारी उसके घर से चला गया और वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकियां देने लगा है।
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