मैट्रीमोनियल साइट पर फर्जी अकाउंट बनाकर लड़कियों से ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो विदेशी नागरिक व एक उत्तर-पूर्वी राज्य की युवती को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान नाइजीरिया निवासी जोसफ इराबोर भाहेमन उर्फ एड्डी (26), बावो हिलेरी ओमागबेमी (35) और नागालैंड निवासी युवती लेनिया मेघ (26) के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो गैंग ने देश भर में कई युवतियों से ठगी कर लाखों रुपये की रकम ऐंठ ली है।
पुलिस के मुताबिक हैदराबाद की एक युवती का मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिये डॉ. अभिषेक मोहन नामक युवक से संपर्क हुआ। अभिषेक ने उससे शादी करने की इच्छा जाहिर की। अभिषेक ने बताया कि उसके पास यूके की नागरिकता है और वह यूएन में कार्यरत है, फिलहाल उसकी तैनाती कुछ समय के लिए इराक में है।
अभिषेक ने विदेशी नंबरों और वाइबर के जरिये युवती से संपर्क करना शुरू कर दिया। लड़की का विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने बताया कि उसने बेहद कीमती मेडिकल उपकरण खरीदे हैं। इसके अलावा उसके काम से खुश होकर इराक सरकार ने उसे सोना और जेवरात उपहार के रूप में दिए हैं।
इस तरह होता था ये खेल
आरोपी ने बताया कि चूंकि उसका उसका काम इराक से पूरा हो रहा है इसलिए वह सारे जेवरात, सोना और उपकरण भारत भेज रहा है। भारत में उसे किसी भी रिश्तेदार पर यकीन नहीं है, इसलिए वह करोड़ों रुपये का सामान उसके पास भेज रहा है।
अभिषेक ने बताया कि 7 अप्रैल 2015 को माल भारत पहुंच जाएगा। इसी बीच अगले दिन युवती के पास एक कॉल आई। खुद को कस्टम का अधिकारी बताकर शख्स ने बताया कि अभिषेक का पार्सल भारत आ गया है। उसे छुड़ाने के लिए कस्टम क्लीयरेंस के रूप में कुछ रुपये देने होंगे।
युवती ने अभिषेक से संपर्क किया तो उसने युवती से रुपयों का इंतजाम कर माल छुड़ाने को कहा। अभिषेक ने कहा कि वह आकर रुपये वापस कर देगा। अभिषेक के कहने पर युवती ने बैंक लोन लेकर, दोस्तों व रिश्तेदारों से उधार लेकर 48.75 लाख रुपये कस्टम अधिकारी द्वारा बताए गए खातों में डलवा दिए।
इसके बाद भी वह और 75 लाख रुपये की मांग करने लगा तो पीड़िता को ठगी का शक हुआ और उसने पीएस साइबर क्राइम हैदराबाद को शिकायत दी।
ऐसे धरे गए आरोपी
छानबीन के बाद हैदराबाद पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया। स्पेशल सेल ने मामले की छानबीन की तो पता चला कि आरोपी सेक्टर-46, गुड़गांव में मौजूद है। छानबीन के बाद दोनों विदेशी व नागालैंड की युवती को दबोच लिया गया।
हैदराबाद पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई। पुलिस का कहना है कि मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की जानी है। आरोपियों ने खुलासा कि गैंग तमाम मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर फर्जी अकाउंट बनाते थे।
साइट पर आरोपी खुद को एनआरआई और ऊंची पोस्ट पर दिखाते थे। इसलिए उनके जाल में आसानी से लड़कियां फंस जाती थीं। विदेशी नंबरों से रोमिंग पर भारत में बैठकर युवतियों को कॉल की जाती थी। वाइबर का भी इस्तेमाल किया जाता था।
आरोपियों ने बताया कि इन लोगों ने एक दर्जन से अधिक फर्जी अकाउंट बना रखे थे। आरोपियों ने बताया कि डॉ. अभिषेक नाम से बनाए गए फर्जी अकाउंट में 192 युवतियों व उनके परिवार ने शादी की इच्छा जताई थी।
कुछ से इनकी बात चल भी रही थी और हैदराबाद समेत कुछ अन्य युवतियों को इन लोगों ने ठग लिया था। ठगी के लिए यह विदेश से तोहफा भेजकर उसे कस्टल क्लीयरेंस के रूप में छुटाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठते थे।