दहेज में फ्लैट न मिलने पर ससुरालियों ने महिला इंजीनियर को प्रताड़ित किया तो पति ने अप्राकृतिक संबंध बनाकर उसे सजा दी। गर्भवती होने पर महिला पर लिंग परीक्षण का दबाव डाला। विरोध करने पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
बच्चे के भविष्य के लिए महिला ने नौकरी की तो पति ने वेतन हड़प लिया और दो साल बाद नौकरी भी छुड़वा दी। महिला ने सेंट्रल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सेंट्रल थाना क्षेत्र निवासी बीटेक युवती का विवाह जून 2009 में मंडावली फजलपुर दिल्ली निवासी एक युवक से हुआ था। महिला के मुताबिक शादी में उसके पिता ने इक्कीस लाख रुपये से अधिक खर्च किया था।
इसके बावजूद ससुराली एक फ्लैट की मांग कर उस पर दबाव बना रहे थे। आरोप है कि शादी के बाद ही ससुरालियों ने उसके जेवर छीन लिए।
अप्राकृतिक संबंध बनाने के बाद डाला दबाव
पति से शिकायत की तो उसने मारपीट की और सजा देने के लिए उससे लगातार अप्राकृतिक संबंध बनाए। तबीयत खराब होने पर उसका करीब एक माह तक इलाज चला।
इस दौरान गर्भवती होने पर ससुराल वालों ने उस पर लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण होने पर गर्भपात करवाने का दबाव डाला। पीड़िता ने इनकार किया तो पति ने सजा देने के लिए उसके साथ कुकर्म किया।
2009 में कंपनी की ओर से पति को अमेरिका भेजा गया, वह पत्नी को भी साथ ले गया। वहां भी लगातार कुकर्म करने से महिला की तबीयत खराब हो गई। फिर बारह दिन एक अस्पताल में इलाज चला।
पति और ससुरालियों के अत्याचार बढ़ने पर महिला मायके आ गई और गाजियाबाद स्थित एक कंपनी में इंजीनियर पद पर नौकरी करने लगी। आरोप है कि पति ने एक फ्लैट दिलाने की शर्त पर अलग रहना स्वीकार कर लिया।
पत्नी का वेतन तक हड़पने का आरोप
फ्लैट खरीद के पंद्रह लाख रुपये पीड़िता के पिता से वसूले गए। गाजियाबाद में खरीदे गए फ्लैट की किस्त चुकाने के लिए पीड़िता का वेतन भी पति हड़प लेता था।
महिला का आरोप है कि एक दिन वह मायके आई थी इस बीच ससुरालियों ने फ्लैट में रखे उसके कीमती जेवर और सामान निकाल लिया, यहां तक कि पति उसकी कार भी उठा ले गया। कई बार पंचायत भी हुई लेकिन ससुरालियों के व्यवहार में कोई फर्क नहीं आया।
कोई रास्ता निकलता न देख पीड़िता ने सेंट्रल थाने में पति और ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एसएचओ सेंट्रल ने बताया कि आरोपों को जांच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।