डेंगू के लक्षणों के साथ आ रहे मरीज
अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया के लक्षणों के साथ बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। ज्यादातर मरीजों को वायरल बुखार की शिकायत हो रही है। इसके अलावा उल्टी व अन्य दिक्कत भी देखने को मिल रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ओपीडी में 30 से 40 फीसदी तक ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। इनमें से कई मरीज ऐसे हैं जिनकी जांच के बाद रिपोर्ट सामान्य आ रही है।
कोरोना व डेंगू के लक्षण एक जैसे
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि डेंगू व कोविड-19 के संक्रमण और लक्षण काफी हद तक सामान्य होते हैं, जिस कारण इनमें अंतर स्पष्ट कर पाना बहुत मुश्किल होता है। इनसे बचने के लिए इलाज से बेहतर रोकथाम व सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है, यदि आपको इनके लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। डेंगू के मरीजों में निम्न रक्तचाप और प्लेटलेट्स में गिरावट देखी जाती है पर एक सफल इलाज के माध्यम से उन्हें ठीक होने में 5 से 6 दिन का समय लग जाता है।
बारिश से बढ़े मामले
डॉक्टरों के अनुसार, डेंगू मच्छरों के काटने से फैलने वाली एक बीमारी है, जिसके मामले हुई बारिश के चलते बढ़े हैं। डेंगू के लक्षणों में अचानक तेज बुखार के साथ तेज सिरदर्द की समस्या, थकान, मतली, उल्टी, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द व आंखों के पीछे दर्द जैसी समस्या दिखाई पड़ती है।
लोकनायक अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि यहां डेंगू के मरीज तेजी से बढ़े हैं। पिछले सप्ताह से डेंगू के लक्षणों वाले 5 मरीजों को भर्ती किया है, जिसमें 2 मरीजों को इंट्रावेनस (IV) फ्लूड सप्लीमेंट या ड्रिप की जरूरत पड़ी, जबकि 3 को ओरल फ्लूड व कुछ दवाओं की जरूरत पड़ी, वह अब ठीक हो रहे हैं।
मच्छरों का प्रकोप रोकने के लिए आज से होगी फॉगिंग
एमसीडी ने मच्छरों का प्रकोप रोकने के लिए मंगलवार से फॉगिंग शुरू करने का निर्णय लिया है। दरअसल मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने वार्डों में तत्काल फॉगिंग शुरू करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली के 250 वार्डों में एक हजार से अधिक मशीनों से फॉगिंग की जाएगी। दिल्ली में हो रही बारिश और जलभराव के मद्देनजर मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने सोमवार को सिविक सेंटर में जनस्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि सभी जोन में प्रमुखता के साथ हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएं और डीबीसी कर्मचारी और फील्ड वर्कर मिशन मोड में घर-घर जाकर मच्छरों की प्रजनन जांच एवं उसे नष्ट करें।