महिलाओं के सम्मान को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले दिल्ली के आलाधिकारी शायद हकीकत से अनजान हैं।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े हॉस्पिटल स्वामी दयानंद अस्पताल का आलम यह है कि देर रात प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गरीब महिला को डॉक्टरों ने भर्ती करने से इनकार करते हुए किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहा।
दूसरे अस्पताल से घर जाते समय महिला ने रास्ते में रिक्शे में ही बच्चे को जन्म दे दिया।
इस हालत में भी नहीं किया भर्ती
मूलरूप से मुरादाबाद के रहने वाले मोहम्मद रजी अपनी पत्नी शाहीन के साथ अशोक नगर में रहते हैं। प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में शाहीन मुरादाबाद चली गई थीं, लेकिन बाद में रजी ने बेहतर चिकित्सा सुविधा की वजह से उसे दिल्ली बुला लिया।
रजी ने 24 मई को स्वामी दयानंद अस्पताल में शाहीन का चेकअप कराया था। तीन जून को रात दो बजे शाहीन को तेज दर्द होने लगा।
पत्नी की हालत देख रजी ने उसे लेकर तत्काल दयानंद अस्पताल पहुंचे, लेकिन जच्चा-बच्चा वार्ड में डॉक्टरों ने शाहीन को भर्ती करने से मना कर दिया।
दूसरे हॉस्पिटल में भी मिली बेरुखी
काफी देर तक मदद मांगने के बाद भी जब डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा तो रजी, शाहीन को लेकर जीटीबी अस्पताल पहुंचे। लेकिन यहां भी उन्हें डॉक्टरों की बेरुखी झेलनी पड़ी।
प्रसव पीड़ा से रो रही शाहीन की हालत देखकर भी डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। थक-हार कर रजी पत्नी को रिक्शे पर लेकर घर वापस लौटने लगे।
वह घर पहुंचने ही वाले थे कि शाहीन ने रिक्शे में बच्चे का जन्म दे दिया, लेकिन बच्चा पूरी तरह से बाहर नहीं आया तो उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।
निगम कराएगा मामले की जांच
शोर सुनकर आसपास की महिलाएं मदद के लिए आईं और उन्होंने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। अगले दिन दोनों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
घटना को पूर्वी निगम की स्थाई समिति की बैठक में भाजपा के संजय सुर्जन ने उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की, जिस पर निगमायुक्त कुमारस्वामी ने जहां तत्काल जांच के आदेश दिए, वहीं पक्ष-विपक्ष ने इस घटना की कड़ी निंदा की।
संजय सुर्जन ने बताया कि अशोक नगर की अर्जुन गली में रहने वाली गर्भवती महिला शाहीन को प्रसव पीड़ा होने पर उसका पति रात दो बजे स्वामी दयानंद अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने भर्ती करने से साफ इनकार कर दिया जबकि महिला का इस अस्पताल में पहले से इलाज चल रहा था।