दिल्ली के मैदानगढ़ी थाना इलाके में एक महिला ने अपने दो वर्ष के बच्चे के सामने फांसी लगा लगी। बच्चे ने ये बात किसी तरह टूटी फूटी भाषा में बोलकर और इशारे में अपनी चाची को बताई। समय से जानकारी मिलने पर महिला को फांसी के फंदे से तो जिंदा उतार लिया गया, मगर अस्पताल ले जाते हुए महिला की मौत हो गई।
पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मैदानगढ़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतिका विशाखा तिवारी(32) पति शिशिर तिवारी व बच्चों के साथ संजय कॉलोनी में रहती थी।
पड़ोस में उसका देवर अपने परिवार के साथ रहता है। शिशिर तिवारी मैदानगढ़ी रोड पर बिजली की दुकान चलाता है। दुकान उसने किराए पर लिया हुआ है। शिशिर तिवारी शराब पीने का आदि है। इस कारण से उसका विशाखा से रोज झगड़ा होता था।
सोमवार रात को भी दोनों में झगड़ा हुआ था। मंगलवार सुबह जब शिशिर दुकान गया तो विशाखा ने कमरे में साड़ी से फांसी लगा ली। ये देखकर उसका दो साल का बच्चा रोता हुआ चाची के पास पहुंचा। चाची बच्चे के रोने का कारण पूछने पर घर पहुंची तो देखा कि विशाखा ने फांसी लगा ली है।
उसने पड़ोसियों को एकत्रित कर विशाखा को फांसी के फंदे से उतारा। विशाखा की सांसे चल रही थीं। उसे मोटरसाइकिल से सफदरजंग अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।