15 अप्रैल को करीब 15.17 बजे, उनका नवजात बच्ची अस्पताल से गायब हो गई। मामला दर्जकर सफदरजंग एंक्लेव थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रजनीश कुमार, एसआई सुनील गौड़ व एसआई सतेंद्र गुलिया की सफदरजंग अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। फुटेज से पता लगा कि स्वस्थ शरीर और छोटे कद की एक अज्ञात महिला उसी मंजिल पर अन्य महिला रोगियों के साथ बातचीत कर रही थी।
उसने अपना चेहरा आंशिक रूप से एक स्टोल/दुपट्टे से ढका हुआ था। सीसीटीवी फुटेज के आगे के विश्लेषण से पता चला कि आरोपी महिला एम्स मेट्रो स्टेशन से समयपुर बादली की ओर मेट्रो ट्रेन में सवार हुई, लेकिन वह पुलिस को गुमराह करने के लिए आईएनए मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन से उतर गई और फिर से हुडा सिटी सेंटर की ओर ट्रेन में सवार हो गई।
इसके बाद वह हौज खास मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो से उतरी और हौज खास मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 से बाहर आई और पंचशील फ्लाईओवर की ओर चली गई, लेकिन उक्त 200 मीटर के मार्ग में कोई सीसीटीवी नहीं लगा था। महिला द्वारा अपनाए गए संभावित मार्ग की अलग-अलग टीमों द्वारा तीन अलग-अलग दिशाओं में जाँच की गई और अंत में, वह एसएल हाउस रेड लाइट के पास एक टीएसआर में बैठी देखी गई। सीसीटीवी फुटेज की आगे की जाँच से पता चला कि आरोपी महिला ने शाम करीब 4:00 बजे पंचशील फ्लाईओवर से एक ऑटो किराए पर लिया था।
बच्ची को बरामद किया गया
20 से अधिक ऑटो के के पंजीकरण नंबर और स्वामित्व को विभिन्न अल्फ़ान्यूमेरिक संयोजनों के साथ जांचा गया। अंत में, टीएसआर के पंजीकरण नंबर का पता लगाया गया। ऑटो चालक से पूछ्रताछ के लिए मालवीय नगर में गुलक वाली गली से पूजा को गिरफ्तार कर लिया गया। बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया।