- अदालत ने सुनवाई 24 सितंबर तक के लिए टाल दी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने धौलाकुआं के पास हुए बीएमडब्ल्यू कार हादसे में मुख्य आरोपी गगनप्रीत कौर को जमानत देने से इन्कार करते हुए सुनवाई 24 सितंबर तक टाल दी। अदालत ने यह फैसला पुलिस के उस तर्क को मानते हुए दिया कि अब तक आरोपी महिला का मोबाइल फोन और ड्राइविंग लाइसेंस जब्त नहीं किया गया है, जो जांच के लिए अहम सुबूत हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग के समक्ष सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि हादसे के तुरंत बाद गगनप्रीत ने अपने परिजनों से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क किया था। यह डिवाइस मामले की सच्चाई उजागर करने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। पुलिस की ओर वकील ने दलील दी कि आरोपी को जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है।
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि गगनप्रीत का मोबाइल फिलहाल उनके पति के पास है और इसे शनिवार शाम तक पुलिस को सौंप दिया जाएगा। गगनप्रीत की ओर से पेश वकील ने यह भी दलील दी कि उसका ड्राइविंग लाइसेंस पहले ही जांच एजेंसियों को दिया जा चुका है। यदि वह रिकार्ड पर नहीं है तो परिवार दोबारा जमा कर देगा। इस बीच, अदालत ने आरोपी की तरफ से हादसे स्थल की सीसीटीवी फुटेज उन्हें देने की मांग की अर्जी पर स्पष्ट किया कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत आरोपियों को जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई जाए।
14 सितंबर को धौलाकुआं के पास हुए हादसे में वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हो गईं। आरोप है कि जब दंपती मोटरसाइकिल से बंगला साहिब गुरुद्वारे से लौट रहे थे, तभी गगनप्रीत कौर ने अपनी बीएमडब्ल्यू कार से उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के वक्त कार में उनके पति परीक्षित सह-यात्री के तौर पर मौजूद थे।