गौरतलब है कि जिला जेल में रक्षाबंधन के अवसर पर बंदियों को उनकी बहन से मिलाने का इंतजाम किया गया था। इसके लिए जेल प्रशासन ने खुले पार्क में भाइयों को मिलाने का इंतजाम किया था। जेलर सत्य प्रकाश के अनुसार देर शाम तक करीब 2 हजार महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची।
इनमें से 100 से अधिक मुस्लिम महिलाओं ने जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधी वहीं कई पत्नियां भी बहन बनकर पहुंची थीं। साथी बंदियों ने जब ऐसे कैदियों की पत्नी के बारे में जानकारी दी तो प्रशासन हरकत में आ गया और पत्नियों की पहचान कर तुरंत उन्हें बाहर निकाला गया।