दशहरा से नोएडा और टीएचए की कालोनियों में गंगाजल संकट शुरू हो जाएगा। सिंचाई विभाग ने गंगनहर की सालाना बंदी के शेड्यूल पर अंतिम मुहर लगा दी है।
अब 22 अक्तूबर से 10 नवंबर की रात तक गंगनहर हरिद्वार से बंद रहेगी। इस दौरान हरिद्वार में हर की पौड़ी घाट की साफ-सफाई और गंगनहर में मरम्मत कार्य किया जाएगा।
गंगनहर क्लोजर के 24 घंटे बाद से नोएडा और टीएचए की कालोनियों को गंगाजल मिलना बंद हो जाएगा। 20 दिन दोनों क्षेत्रों के लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ेगा।
इससे पहले सिंचाई विभाग ने 3 अक्तूबर की रात से 3 नवंबर तक एक महीने का क्लोजर का शेड्यूल तैयार किया था। लेकिन इस साल बारिश कम होने की इसे मंजूरी नहीं मिली थी।
बाद में इसे 10 अक्तूबर से 3 नवंबर तक कर दिया गया था। अब सिंचाई विभाग ने इस पर अंतिम मुहर लगाते हुए 22 अक्तूबर की रात 12 बजे से गंगनहर बंदी का शेड्यूल फाइनल किया है। दिवाली से एक दिन पहले 10 नवंबर की रात को गंगनहर में पानी छोड़ा जाएगा।
दिवाली पर भी नहीं मिलेगा गंगाजल
गंगनहर क्लोजर की वजह से दिवाली पर भी गंगाजल नहीं मिलेगा। हरिद्वार से गंगनहर में पानी भले ही दिवाली से पहली रात को छोड़ दिया जाएगा, लेकिन इसे गाजियाबाद के गंगाजल प्लांट तक पहुंचने में दो दिन लगेंगे। ऐसे में धनतेरस के बाद ही नोएडा और टीएचए की कालोनियों को गंगाजल मिल सकेगा।
गंगाजल प्लांट के मोटर में आई कमी, गंगाजल सप्लाई घटी
प्रताप विहार स्थित गंगाजल प्लांट की एक मोटर में फिर कमी आने से रविवार को गंगाजल की सप्लाई कम हो गई। 50 क्यूसेक गंगाजल प्लांट से नोएडा और टीएचए को 40 क्यूसेक पानी सप्लाई हो सका।
हालांकि बीच-बीच में प्लांट की स्टैंडबाई मोटर चलाकर खराब मोटर को बंद किया गया। प्लांट प्रभारी आरके अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को प्लांट की एक मोटर में तकनीकी खराबी आ गई।
इसके चलते एक मोटर से तो सप्लाई सही मिली, लेकिन दूसरी से 10 क्यूसेक पानी की सप्लाई कम हो सकी। उन्होंने बताया कि रविवार को मोटर की खामी दूर करने का प्रयास किया गया, लेकिन नहीं हो सकी। अब सोमवार को मोटर ठीक कराई जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि सोमवार की सुबह मोटर ठीक कराकर सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। सोमवार को नोएडा-टीएचए को पूरी सप्लाई मिलेगी।