पंजीकरण मे फर्जी दस्तावेज दाखिल करने के मामले में आम आदमी पार्टी को राहत मिल गई लेकिन लैटरहेड पर अशोक चक्र सहित राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल करने के मुददे को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने चुनाव आयोग को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है कि पंजीकरण के दौरान क्या आप ने तय नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्घार्थ मृदुल की खंडपीठ ने चुनाव आयोग को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि आप केपंजीकरण के दौरान लैटरहेड पर राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। क्या यह तय निमयों का उल्लंघन है या नहीं।
हालांकि इससे पूर्व चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने कहा कि शिकायत के बाद की गई जांच में ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला कि आप ने कोई उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल के संबंध में सभी पार्टियों को निर्देश दिए गए है।
राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल पर मनाही
सुनवाई के दौरान याचि हंसराज जैन अदालत को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाया कि राजनीतिक पार्टियों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल गैरकानूनी है और इससे कानून का उल्लंघन हुआ है। खंडपीठ ने कहा कि कानून में राष्ट्रीय ध्वज का लोगो के रूप में इस्तेमाल व्यवसाय या ट्रेड के लिए प्रतिबंध है।
अदालत ने कहा राजनीतिक दल व्यवसाय नहीं है ऐसे में वे राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल कर सकते है। काफी लंबी जिरह के बाद खंडपीठ ने याचि से कहा कि कानून में प्रावधान है कि यदि राष्ट्रीय ध्वज का गलत इस्तेमाल हो रहा है तो केंद्र सरकार से इजाजत लेकर आप संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायत कर सकते है। आप कानून के तहत शिकायत करे।
याचि ने कहा कि कोई भी पार्टी अपने लैटर हेड या पंपलेट में राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल नहीं कर सकती। अत: पार्टी की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। खंडपीठ ने चुनाव आयोग से जवाब तलब करते हुए सुनवाई दो मई तय कर दी।
चुनाव आयोग को नोटिस, जवाब तलब
हंस राज जैन ने याचिका में आग्रह किया है कि उनकी याचिका के निपटारे तक आप पर लोकसभा के चुनाव पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया जाए। इसके अलावा आप द्वारा पेश फर्जी दस्तावेज पेश करने संबंधी मामले की विशेष जांच टीम से भी जांच करवाने का निर्देश दिया जाए।
खंडपीठ ने उनकी इस मांग को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने आप द्वारा जमा करवाएं गए दस्तावेजों की जांच करवाए बिना ही उसे जल्दबाजी में मान्यता प्रदान कर दी।
आयोग ने किसी न किसी के दवाब में पार्टी का पंजीकरण किया है जबकि अन्य पार्टी का पंजीकरण इस प्रकार जल्दबाजी में नहीं किया जाता। उन्होंने कहा आप सदस्यों ने दस्तावेजों में रिहायशी पता दिया है जो उनके मतदाता पहचान पत्र व आयकर रिटर्न में दिए पते से अलग है।