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अवैध संबंध और मुआवजे के चलते पत्नी व बेटे ने ही कराई हत्या

Sun, 25 Oct 2015 02:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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करीब तीन माह पहले गांव मिर्जापुर निवासी किसान विजयपाल की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। हत्या कराने वाला और कोई नहीं बल्कि उसकी पत्नी व बेटा ही निकला।
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मां-बेटे ने मिलकर हत्या की सुपारी चार लाख देकर बलराम गैंग को दी थी। हत्या के पीछे कारण बताया गया कि जमीन अधिग्रहण के बदले मिला 80 लाख के मुआवजा को मृतक किसान किसी महिला से अवैध संबंध बनाकर उस पर खर्च कर रहा था।

पुलिस ने आरोपी पत्नी, बेटा एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया और तीन बदमाशों की तलाश जारी है। शनिवार को घटना का खुलासा करते हुए रबूपुरा के एसओ अजय कुमार ने बताया कि दो अगस्त को विजयपाल का शव मेरठ स्थित एक नाले में पड़ा मिला था।
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मृतक के भाई अजयपाल ने उसके बेटे विनोद के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच करने पर पता चला कि एक अगस्त को खुर्जा निवासी सादाब ने विजयपाल को फोन करके रबूपुरा स्थित पूराने बस अडडे पर बुलाया था।

विजयपाल की हरकतों से मां-बेटा थे परेशान

जहां से उसे अगवा करके मेरठ को ले जाया गया था। वहां कुख्यात बदमाश बलराम गैंग के मेरठ निवासी अजय उर्फ  लाड़े व विपिन के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव नाले में फेंक दिया था।

पुलिस ने मृतक विजयपाल की पत्नी अमरवती, बेटे विनोद को विजयपाल की हत्या की साजिश रचने व हत्या के आरोप में बलराम गैंग के खुर्जा निवासी बदमाश सादाब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में बलराम ठाकुर को भी हत्या की साजिश का आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के मुताबिक विजयपाल की जमीन प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित की गई थी जिसका करीब 80 लाख का मुआवजा विजयपाल को मिला था।

जिसमें से करीब 35 लाख की उसने मथुरा जिले के थाना छाता के गांव तरौली में 18 बीघा जमीन खरीद ली थी। जमीन की देखभाल करने जाते समय  एक महिला से अवैध संबंध बन गए।

आरोप है कि किसान महिला पर पैसे उड़ाने लगा। किसान की पत्नी व बेटा को जब यह बात पता चली तो विजयपाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
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पहला प्रयास रहा था नाकाम

उन्होंने खुर्जा निवासी अपने दामाद के दोस्त सादाब को बताया। सादाब लूट के एक मामले में जमानत चल रहा है। सादाब ने मां-बेटे की मुलाकात बुलन्दशहर जेल में बन्द कुख्यात बदमाश बलराम ठाकुर से कराई। जेल में ही कुल चार लाख रुपये में विजयपाल की हत्या का सौदा तय हुआ।

बताते हैं कि 11 जुलाई को विजयपाल अपने खेत से लौट रहा था। तभी योजना के मुताबिक सादाब व बलराम गैंग के मेरठ निवासी विपिन और अजय उर्फ लाडे़ ने उस पर गोली चला दी।

विजयपाल के हाथ में गोली लगी और वह बच गया। मामले में विजयपाल ने अपने बेटे विनोद की ससुराल पक्ष के लोगों पर हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

घटना को लेकर हुआ था हंगामा-
विजयपाल का शव मेरठ में मिलने के बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रबूपुरा कोतवाली में विजयपाल के शव को रखकर पूरी रात हंगामा किया था।

उन पर किसी को शव न हो इसके लिए विनोद की ससुराल वालों पर हत्या करने का आरोप लगा दिया। परिजनों पुलिस पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया था। तत्कालीन एसओ को सस्पेंड कर दिया गया था।
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